Ashtalakashmi Mahotsav: अष्टलक्ष्मी महोत्सव से करोड़ों के कारोबार की उम्मीद, विश्व मंच पर पहुंचेगा ग्रामीण शिल्प

Ashtalakashmi Mahotsav: पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय 6 से 8 दिसंबर तक दिल्ली के भारत मंडपम में पहला अष्टलक्ष्मी महोत्सव आयोजित करेगा। इस कार्यक्रम में शिल्प, कला, संस्कृति और पूर्वोत्तर की विविधता के मिश्रण का व्यावसायिक रूप से प्रदर्शन किया जाएगा।

Ashtalakashmi Mahotsav: पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय 6 से 8 दिसंबर तक दिल्ली के भारत मंडपम में पहला अष्टलक्ष्मी महोत्सव आयोजित करेगा। कार्यक्रम में शिल्प, कला, संस्कृति और पूर्वोत्तर की विविधता के मिश्रण का व्यावसायिक रूप से प्रदर्शन किया जाएगा। पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में आठ राज्यों के मंडप और एक ग्रामीण हाट बाजार होगा। कार्यक्रम में प्रत्येक सभी आठ राज्यों से 40-40 कारीगर और किसान शामिल होंगे। इन मंडपों से दो करोड़ रुपये का कारोबार होने की उम्मीद की जा रही है। इसके अलावा, क्रेता-विक्रेता बैठक से एक करोड़ रुपये का कारोबार होगा।

Ashtalakashmi Mahotsav

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। इसमें ग्रामीण शिल्प को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर ध्यान दिया जाएगा। इस उद्देश्य के साथ 33 जीआई-टैग किए गए उत्पादों के साथ-साथ मुगा और एरी रेशम पर दो प्रदर्शनियां भी होंगी। कार्यक्रम में प्रसिद्ध शिलांग चैंबर क्वाइअर के साथ तीन रातों तक चलने वाले लाइव प्रदर्शनों का आनंद लेने का अवसर मिलेगा।

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