Anil Agarwal Motivational Quotes: वेदांता रिसोर्स लिमिटेड के फाउंडर और चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने हाल में अपने के व्यापार की घोषणा की है। वो एक बहुत सफल बिजनेसमैन हैं जिन्होंने कड़ी मेहनत से खुदको अरबपति बनाया है। 1954 में बिहार के पटना में जन्मे अनिल अग्रवाल एक मारवाड़ी परिवार से आते हैं। इन्होंने शुरुआती दौर में एल्युमीनियम कंडक्टर बनाने वाले अपने पिता का व्यापार जॉइन किया, 19 साल की उम्र में कुछ बड़ा इरादा लेकर वो मुंबई शिफ्ट हो गए।
1954 में बिहार के पटना में जन्मे अनिल अग्रवाल एक मारवाड़ी परिवार से आते हैं।
स्क्रैप मटेरियल से की शुरुआत
1970 के दशक के मध्य में अनिल ने स्क्रैप मेटल की ट्र्रेडिंग शुरू की। 1976 में इन्होंने बैंक लोन लेकर इनेमल्ड कॉपर के साथ कई अन्य चीजें बनाने वाले शमशेर स्टर्लिंग कॉर्पोरेशन को खरीद लिया।
1986 से 1995 में की खूब तरक्की
अनिल अग्रवाल ने 1986 में जेली फिल्ड केबल्स बनाने का काम शुरू किया और उनका व्यापार अब रफ्तार पकड़ चुका था। 1993 में स्टर्लाइट इंडस्ट्रीज बनाई जिसने 1995 में 4 साल से बंद बड़ी मद्रास एल्युमीनियम कंपनी खरीद ली।
BALCO में ली 51 फीसदी हिस्सेदारी
2001 में सरकार ने डिसइंवेस्टमेंट प्रोग्राम शुरू किया जो अनिल अग्रवाल के लिए सुनहरा मौका था। उन्होंने 551.50 करोड़ रुपये देकर भारत एल्युमीनियम कंपनी यानी बल्को (BALCO) की 51 फीसदी हिस्सेदारी अपने नाम कर ली।
लंदन में बना था वेदांता रिसोर्सेज
विदेशी मुद्रा मार्केट में पकड़ बनाने के लिए 2003 में अनिल अग्रवाल ने लंदन में वेदांता रिसोर्सेज की शुरुआत की। उस समय से भारत की पहली कंपनी थी जिसे लंदन स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट किया गया था।
मिल चुके हैं कई सारे अवॉर्ड्स
अनिल अग्रवाल की कामयाबी भारत के साथ पूरी दुनिया देख चुकी है। उन्हें बिजनेस और सोशल सर्विस के लिए कई सारे अवॉर्ड्स भी मिल चुके हैं जिनमें लेटेस्ट 2022 सीआईएफ ग्लोबल इंडियन अवॉर्ड है। ये उन्हें टोरंटो में मिला था।
