GDP vs Sovereign Rating : भारत की इकोनॉमी और GDP के आंकड़ों को लेकर बहस के बीच देश के 15वें वित्त आयोग के अध्यक्ष NK सिंह ने भारतीय इकोनॉमी के लिए जश्न मनाने की बात कही है। असल में सिंह जापान क्रेडिट रेटिंग एजेंसी यानी JCR की तरफ से भारत की Sovereign Rating को BBB+ से बढ़ाकर A- कर दिया है। सिंह के मुताबिक 35 साल से ज्यादा समय के बाद भारत की रेटिंग पहली बार फिर से ‘ए’ कैटेगरी में पहुंची है।
जीडीपी पर बहस के बीच इकोनॉमी पर बड़ा अपडेेट
15वें वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष और इंस्टीट्यूट ऑफ इकोनॉमिक ग्रोथ के अध्यक्ष एनके सिंह ने इस अपग्रेड को भारत की आर्थिक यात्रा के लिए बेहद अहम बताया है। उन्होंने इसे ‘मैजिकल मोमेंट’ बताते हुए कहा कि 35 साल से ज्यादा समय बाद ‘ए’ कैटेगरी में भारत की वापसी देश के ग्रोथ मोमेंटम, मैक्रोइकोनॉमिक स्टेबिलिटी और डीप स्ट्रक्चरल रिफॉर्म की पहचान है।
35 साल बाद ‘A’ कैटेगरी में भारत
JCR के फैसले का सबसे बड़ा महत्व यही है कि भारत 35 साल से ज्यादा समय बाद सोवरेन रेटिंग (Sovereign Rating) की ‘ए’ कैटेगरी में वापस आया है। भारत को आखिरी बार 1988 में मूडीज ने ‘ए’ रेटिंग दी थी। इसके बाद 1990-91 के भुगतान संंतुलन संकट (Balance of Payments Crisis) के दौरान देश की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई थी। उस समय भारत के पास विदेशी मुद्रा भंडार इतना कम रह गया था कि वह करीब दो हफ्ते के आयात का खर्च ही उठा सकता था। भारत को अपने बाहरी भुगतान दायित्व पूरे करने के लिए सोना गिरवी रखकर विदेशी मुद्रा जुटानी पड़ी थी। इसके बाद आर्थिक सुधारों का दौर शुरू हुआ और अगले तीन दशकों में भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था को लगातार मजबूत किया। अब JCR की ओर से A माइनस रेटिंग मिलना उसी लंबी आर्थिक यात्रा में एक अहम पड़ाव माना जा रहा है।
GDP पर बहस के बीच क्यों अहम है रेटिंग?
भारत की GDP Growth को लेकर हाल के दिनों में काफी चर्चा है। सवाल केवल यह नहीं है कि अर्थव्यवस्था कितनी तेजी से बढ़ रही है, बल्कि यह भी है कि इस ग्रोथ की गुणवत्ता कितनी मजबूत और टिकाऊ है। इस बहस के बीच सोवरेन रेटिंग अपग्रेड भारत की अर्थव्यवस्था को देखने का एक अलग नजरिया देता है। JCR ने भारत की रेटिंग बढ़ाते हुए सिर्फ GDP ग्रोथ को आधार नहीं बनाया है। एजेंसी ने ग्रोथ के साथ सरकार की नीतियों, ढांचागत सुधारों, वित्तीय स्थिरता और बैंकिंग सुधारों को ध्यान में रखा है। यानी JCR के मुताबिक भारत की आर्थिक मजबूती केवल तेज ग्रेाथ तक सीमित नहीं है, बल्कि पिछले कुछ वर्षों में अर्थव्यवस्था की बुनियाद में भी सुधार हुआ है।
NK सिंह ने क्यों कहा ‘मैजिकल मोमेंट’?
15वें वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष एनके सिंह ने जेसीआर के फैसले का स्वागत करते हुए इसे भारत के लिए ‘मैजिकल मोमेंट’ बताया। सिंह ने कहा कि यह केंद्र और राज्यों के बीच मजबूत संबंध को दर्शाता है और इस मौके का जश्न मनाया जाना चाहिए।
