पश्चिम एशिया (ईरान-इजराइल-अमेरिका युद्ध) में जारी युद्ध और बढ़ते तनाव का असर अब दुनिया भर के ऊर्जा बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। कच्चे तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की कीमतों में तेज उछाल आया है,जिसका सीधा असर अब हवाई यात्राओं पर भी पड़ने लगा है। इसी के कारण भारत में विमानन कंपनियां हवाई यात्रा के लिए टिकटों में फ्यूल सरचार्ज लगाने जा रही हैं। कई कंपनियों ने इसकी शुरुआत कर दी है, वहीं, आकासा एयर कल यानी 15 मार्च से इसकी शुरूआत करने जा रही है। कंपनी ने अपने एक बयान में इसका एलान कर दिया है।
आकासा एयर लगाने जा रही फ्यूल सरचार्ज। (फोटो-एआई)
कितना बढ़ेगा किराया?
आकासा एयर द्वारा जारी बयान में कंपनी ने कहा है कि जो नया फ्यूल सरचार्ज लगाया जाएगा उसके हिसाब से घरेलू उड़ान की सेवा लेने वाले यात्रियों को टिकटों पर 199 से 1300 रुपये का अधिक भुगतान करना होगा।क्यों लग रहा फ्यूल सरचार्ज
गौरतलब है कि ईरान द्वारा फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित एक संकरे समुद्री परिवहन मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य को लगभग अवरुद्ध कर दिए जाने के बाद वैश्विक तेल और गैस की कीमतों में उछाल आया है। वैश्विक बाजार में हाल के दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार अस्थिरता देखी जा रही है। इसका असर सीधे तौर पर विमानन क्षेत्र पर पड़ रहा है, क्योंकि एयरलाइनों के कुल खर्च में ईंधन की हिस्सेदारी काफी अधिक होती है। बढ़ती लागत के दबाव को कम करने के लिए कंपनियों ने यात्रियों से अतिरिक्त ईंधन अधिभार वसूलने का फैसला किया है। टिकट बुकिंग के समय यात्रियों को इस अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करना होगा, जो मूल किराए के अलावा लिया जाएगा। एयरलाइन का कहना है कि वह बाजार की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है और उसी के अनुसार आगे के फैसले किए जाएंगे।
इस तारीख से बढ़ जाएगा किराया
यह नया ईंधन अधिभार 15 मार्च 2026 से लागू किया जाएगा। यानी इस तारीख के बाद बुक होने वाले सभी टिकटों पर यह अतिरिक्त शुल्क जोड़ा जाएगा। ऐसे में यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बनाते समय इस बढ़ी हुई लागत को ध्यान में रखना होगा। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण जेट फ्यूल की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी के बाद एअर इंडिया, इंडिगो और एअर इंडिया एक्सप्रेस जैसी प्रमुख एयरलाइंस पहले ही यह कदम उठा चुकी हैं, जिससे हवाई यात्रा थोड़ी महंगी हो सकती है।
