GST में टैक्स चोरी पकड़ने के लिए एआई और डेटा एनालिटिक्स है मददगार: वित्त मंत्रालय

मंत्रालय के मुताबिक, जीएसटी लागू होने के बाद से करदाताओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2017 में जहां जीएसटी के तहत 66.5 लाख करदाता पंजीकृत थे, वहीं मई 2026 तक यह संख्या बढ़कर 1.65 करोड़ हो गई है।

वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत संभावित कर चोरी का पता लगाने के लिए अब कृत्रिम मेधा (एआई), मशीन लर्निंग और डेटा एनालिटिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन तकनीकों की मदद से कर चोरी पर नजर रखने के साथ-साथ ईमानदार करदाताओं के लिए नियमों का पालन करना भी आसान बनाया जा रहा है।

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एक जुलाई 2017 को देशभर में जीएसटी लागू किया गया था। (फोटो क्रेडिट-iStock)

मंत्रालय के मुताबिक, जीएसटी लागू होने के बाद से करदाताओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2017 में जहां जीएसटी के तहत 66.5 लाख करदाता पंजीकृत थे, वहीं मई 2026 तक यह संख्या बढ़कर 1.65 करोड़ हो गई है। मंत्रालय का कहना है कि यह देश की अर्थव्यवस्था के तेजी से औपचारिक होने का संकेत है।

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