Tata Group: नोएल टाटा (Noel Tata) को शुक्रवार (01 नवंबर 2024) को टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के बोर्ड में टाटा ट्रस्ट्स (Tata Trusts) के नॉमिनी के तौर पर नियुक्त किया गया। रतन टाटा (Ratan Tata) की मौत के बाद पिछले महीने उन्हें टाटा ट्रस्ट्स का चेयरमैन नियुक्त किया गया था। इकोनॉमिक्स टाइम्स के मुताबिक मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि दिवाली की पूर्व संध्या पर आयोजित एक वर्चुअल टाटा संस मीटिंग में इसको लेकर एक ऑनलाइन प्रस्ताव पारित किया गया। गौर हो कि नोएल टाटा, टाटा ग्रुप की अन्य कंपनियों के बोर्ड में बने हुए हैं। वह 2011 के बाद से टाटा परिवार के पहले सदस्य होंगे जो एक साथ टाटा ट्रस्ट्स और टाटा संस (Tata Sons) दोनों के बोर्ड में काम करेंगे। टाटा ट्रस्ट्स के पास टाटा संस में 66% हिस्सेदारी है, जो इसे सबसे बड़ा शेयरधारक बनाती है।
नोएल टाटा, टाटा ट्रस्ट्स और टाटा संस के बोर्ड में काम करेंंगे।
नोएल टाटा (Noel Tata) के शामिल होने के साथ ही अब टाटा संस के बोर्ड में 3 टाटा ट्रस्ट के नॉमिनी डायरेक्टर हो गए हैं। नोएल के अलावा टीवीएस के मानद चेयरमैन वेणु श्रीनिवासन और रक्षा मंत्रालय के पूर्व नौकरशाह विजय सिंह भी हैं। नोएल टाटा, विजय सिंह, श्रीनिवासन और मेहली मिस्त्री वर्तमान में टाटा ट्रस्ट को नियंत्रित करने वाली एक्जिक्यूटिव कमिटी का गठन करते हैं। इकोनॉमिक्स टाइम्स के मुताबिक टाटा संस के एसोसिएशन के आर्टिकल के अनुसार ट्रस्ट बोर्ड के एक-तिहाई डायरेक्टर्स को नॉमनेट कर सकते हैं। वर्तमान में टाटा संस के बोर्ड में 9 डायरेक्टर हैं - चेयरमैन एन चंद्रशेखरन सहित दो एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर, नोएल टाटा, श्रीनिवासन और विजय सिंह समेत तीन नन-एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर्स और 4 स्वतंत्र डायरेक्टर्स।
ईटी ने अंदरूनी सूत्रों के हवाले से बताया कि नियुक्ति के बाद नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन से मुलाकात की, जिससे दोनों के बीच हेल्दी वर्किंग रिलेशनशिप की शुरुआत हुई। नोएल टाटा वर्तमान में टाटा इन्वेस्टमेंट कॉर्प, ट्रेंट और वोल्टास के नन-एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर और चेयरपर्सन के रूप में कार्य करते हैं, जबकि टाइटन और टाटा स्टील में वाइस चेयरपर्सन और नन-एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर का पद भी संभाल रहे हैं। रतन टाटा टाटा ट्रस्ट के चेयरर्सन और टाटा संस के मानद चेयरपर्सन थे। 2022 में टाटा संस बोर्ड ने अपने एओए में संशोधन किया ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि एक ही व्यक्ति दोनों का प्रमुख न हो।
67 वर्षीय नोएल टाटा (Noel Tata) ने 65 वर्ष की आयु में ग्रुप की कंपनियों में अपनी एक्जिक्यूटिव भूमिकाएं छोड़ दीं। वह आयु जिस पर ग्रुप ऐसी सेवानिवृत्ति को अनिवार्य करता है। एक्जिक्यूटिव अधिकारियों को 70 वर्ष की आयु में सभी बोर्ड पदों को छोड़ना भी आवश्यक है। हालांकि ट्रस्टी या चेयरपर्सन के लिए कोई रिटायरमेंट आयु नहीं है। ग्रुप के करीबी एक्स्पर्ट के मुताबिक कि नोएल टाटा के ग्रुप कंपनियों की अध्यक्षता जारी रखने पर कोई कानूनी या संविदात्मक प्रतिबंध नहीं हैं क्योंकि यह एक नन-एक्जिक्यूटिव भूमिका है।
नोएल टाटा (Noel Tata) अप्रैल 2014 में एफएच कवारना के उत्तराधिकारी के रूप में ग्रुप के रिटेल सेग्मेंट ट्रेंट के चेयरमैन बने। उनके नेतृत्व में रिटेल सीरीज का राजस्व 430% बढ़कर वित्त वर्ष 2014 में 2333 करोड़ रुपये से वित्त वर्ष 2024 में 12375 करोड़ रुपये हो गया, जो 19 करोड़ रुपये के घाटे से 1,477 करोड़ रुपये के मुनाफे में बदल गया।
अगस्त 2017 में नोएल टाटा (Noel Tata) ने वोल्टास के चेयरमैन का पद संभाला। तब से कंपनी का राजस्व वित्त वर्ष 17 में 6,404 करोड़ रुपये से दोगुना होकर वित्त वर्ष 24 में 12,481 करोड़ रुपये हो गया। अगस्त 2017 से अब तक शेयर में करीब 300% की बढ़ोतरी हुई है। टाटा इन्वेस्टमेंट कॉर्प, दूसरी कंपनी जिसके चेयरमैन नोएल टाटा हैं, मुख्य रूप से लिस्टेड और अनलिस्टेड इक्विटी शेयरों में निवेश करती है। पिछले 5 सालों में कंपनी के शेयर ने 705% रिटर्न दिया है, जो निफ्टी से काफी बेहतर है। जिसने इसी अवधि में 102% रिटर्न दिया।
