Jack Ma Announcements on Ali baba Group: एक साल से अधिक समय तक गायब रहे अली बाबा के फाउंडर जैक मा चीन लौट आए हैं। इस दौरान रहस्मयी तरीके से छुपे रहने वाले जैम मा नए तेवर में दिख रहे हैं। उन्होंने अपने ग्रुप अलीबाबा को 6 कंपनियों में बांटने का फैसला किया है। इसके तहत उनका प्रमुख फोकस ई-कॉमर्स, क्लाउड बिजनेस और मीडिया पर रहेगा।
जैक मा का बड़ा ऐलान
कभी एशिया के सबसे अमीर शख्स रहे जैक मा की गुमनामी पिछले एक साल से रहस्य का विषय बनी हुई थी। साल 2021 के अंत में जैक मा चीन से गायब हुए थे। और उसके बाद ऑस्ट्रेलिया, जापान, थाईलैंड से उनकी तस्वीरें बीच-बीच में सामने आती रहती थीं। अब उनके लौटने के बाद चीनी अखबार साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने दावा किया है कि इस दौरान वह नई एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी की जानकारी लेने के लिए अलग-अलग देशों का दौरा कर रहे थे। हालांकि इस संबंध में जैक मा या उनकी कंपनी के तरफ से कोई बयान नहीं आया है।
220 अरब डॉलर का है कारोबार
जैक मा का 220 अरब डॉलर के कारोबार को बांटने का फैसला काफी चौंकाने वाला है। खास तौर से इस फैसले का असर चीन के टेक बाजार पर सीधे तौर पर पड़ेगा। नई योजना के तहत वह ग्रुप को क्लाउड इंटेलिजेंस ग्रुप, लोकल सर्विसेज ग्रुप, ग्लोबल डिजिटल कॉमर्स ग्रुप, डिजिटल मीडिया एंड एंटरटेनमेंट ग्रुप ,कैनियाओ स्मार्ट लॉजिस्टिक्स ग्रुप, ताओबाओ टमॉल कॉमर्स ग्रुप में बांटेगी। जैक मा की योजना के अनुसार इस बंटवारे के बाद नई कंपनियां IPO और दूसरे साधनों के जरिए पूंजी जुटाएंगी। और सभी कंपनियों का मैनजमेंट उनकी से सीईओ और दूसरे डायरेक्टर्स द्वारा किया जाएगा। अब नई कंपनियों में जैक मा की क्या भूमिका होगी, इसे स्पष्ट नहीं किया गया है।
चीन सरकार के निशाने पर आए थे
पिछले साल नवंबर में फाइनेंशियल टाइम्स अखबार ने जैक मा के टोक्यो में रहने की खबर प्रकाशित की थी। उसके बाद मेलबर्न में भी एक फैमिली के साथ समय बिताने की खबर आई थी। जैक मा स्पेन और नीदरलैंड में देखे गए थे। लेकिन इसके पहले अक्टूबर 2020 में चीनी सरकार ने जैक मा के एंट ग्रुप के 37 अरब डॉलर के IPO को रोक दिया था। और उसक कुछ दिनों बाद ही चीन ने 'एंटी ट्रस्ट नियम' बना दिए। और उसी नियम के तहत अलीबाबा के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई।
इस जांच से अलीबाबा ग्रुप को भारी नुकसान हुआ था और उसकी मार्केट कैप में 10 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की गिरावट आई थी। साफ था का जैक मा चीन की सरकार के निशाने पर आ गए थे। और उसके कुछ समय बाद वह रहस्मय तरीके गायब हो गए। अब ग्रुप की रिस्ट्रक्चरिंग शायद चीन सरकार के साथ रिश्तों को सुधारने की नई कोशिश है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
