केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8th Pay Commission को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर नई सैलरी कितनी बढ़ेगी, भत्तों में क्या बदलाव होगा और पेंशनर्स को कितना फायदा मिलेगा? जब सरकार से इसके बारे में पूछा गया, तो सरकार ने लोकसभा में इसका लिखित जवाब दिया और बताया कि आयोग फिलहाल क्या कर रहा है और इस पूरे मामले में मौजूदा स्थिति क्या है?
8वें वेतन आयोग पर सरकार ने संसद में दिया जवाब
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सोमवार को लोकसभा में एक लिखित जवाब में बताया कि केंद्र सरकार ने 3 नवंबर, 2025 को 8th Central Pay Commission का गठन किया था। आयोग को केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सैलरी, भत्तों, पेंशन और दूसरी सेवा शर्तों की समीक्षा करके सरकार को अपनी सिफारिशें देनी हैं। यानी फिलहाल कर्मचारियों के लिए सबसे अहम बात यह है कि नई सैलरी कितनी होगी, फिटमेंट फैक्टर क्या होगा, भत्ते कितने बढ़ेंगे और पेंशन में कितना बदलाव आएगा इनमें से कुछ भी अभी अंतिम रूप से तय नहीं हुआ है।
सैलरी कितनी बढ़ेगी?
अभी सरकार ने यह नहीं बताया है कि कर्मचारियों की बेसिक सैलरी कितनी बढ़ाई जाएगी। इसी तरह फिटमेंट फैक्टर को लेकर भी कोई अंतिम आंकड़ा सामने नहीं आया है। इसका मतलब यह है कि अलग-अलग स्तर के कर्मचारियों की नई बेसिक सैलरी कितनी होगी, इसका पता आयोग की सिफारिश आने के बाद ही चलेगा।
कर्मचारियों को सोशल मीडिया और अलग-अलग रिपोर्ट्स में सैलरी बढ़ने के कई अनुमान देखने को मिल रहे हैं, लेकिन इन्हें अभी सरकारी फैसला नहीं माना जा सकता। हालांकि, सरकार का कहना है कि 8th Pay Commission को मौजूदा वेतन व्यवस्था की समीक्षा हो रही है। इसके आधार पर आयोग सरकार को नई वेतन संरचना की सिफारिश देगा।
महंगाई भत्ता और दूसरे भत्तों में क्या होगा?
8th Pay Commission के दायरे में सिर्फ बेसिक सैलरी नहीं आती। आयोग को महंगाई भत्ते और दूसरे भत्तों की भी समीक्षा करनी है। इसलिए कर्मचारियों के लिए यह भी बड़ा सवाल है कि नई वेतन व्यवस्था लागू होने के बाद महंगाई भत्ते का ढांचा क्या होगा और मकान किराया भत्ता, यात्रा भत्ता समेत दूसरे भत्तों में क्या बदलाव किया जाएगा। सरकार ने अभी इन भत्तों में संभावित बढ़ोतरी को लेकर कोई अंतिम जानकारी नहीं दी है। यानी अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि किसी कर्मचारी की कुल मासिक सैलरी में कितने रुपये की बढ़ोतरी होगी। असली तस्वीर आयोग की सिफारिश और उसके बाद सरकार के फैसले से साफ होगी।
पेंशनर्स को कितना फायदा मिलेगा?
8th Pay Commission पेंशन और पारिवारिक पेंशन की भी समीक्षा करेगा। इसका सीधा असर बड़ी संख्या में केंद्रीय पेंशनर्स और उनके परिवारों पर पड़ सकता है।सरकार के मुताबिक, 31 दिसंबर 2025 तक करीब 33.76 लाख पेंशनर्स और पारिवारिक पेंशनर्स थे। इस आंकड़े में रक्षा पेंशनर्स शामिल नहीं हैं। आयोग के काम में पेंशन की मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा करना और इसमें जरूरी बदलाव की सिफारिश करना भी शामिल है।
कितने लोगों पर पड़ेगा असर?
8th Pay Commission का दायरा काफी बड़ा है। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, 1 मार्च 2026 तक केंद्र सरकार के करीब 35.77 लाख नागरिक कर्मचारी सेवा में थे। इसके अलावा 31 दिसंबर 2025 तक करीब 33.76 लाख पेंशनर्स और पारिवारिक पेंशनर्स थे। दोनों आंकड़ों को जोड़ें तो करीब 70 लाख लोग इस पूरी कवायद से प्रभावित हो सकते हैं। ध्यान रहे कि पेंशनर्स के इस आंकड़े में रक्षा पेंशनर्स शामिल नहीं हैं।
कब तक आएगी आयोग की रिपोर्ट?
सरकार ने 8th Central Pay Commission को अपनी सिफारिशें देने के लिए गठन की तारीख से 18 महीने का समय दिया है। 3 नवंबर 2025 को आयोग के गठन को देखते हुए उसकी रिपोर्ट देने की समयसीमा मई 2027 तक बनती है। हालांकि इसका यह मतलब नहीं है कि कर्मचारियों को मई 2027 तक किसी बदलाव का लाभ जरूर मिलेगा। आयोग पहले अपनी सिफारिश देगा। इसके बाद सरकार इन सिफारिशों पर फैसला करेगी। इसलिए सैलरी और पेंशन में वास्तविक बदलाव कब से लागू होंगे, यह अभी बड़ा सवाल बना हुआ है।
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