8th Pay Commission: देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारी 8वें वेतन आयोग लागू होने का इंतजार कर रहे हैं। 7th Pay Commission का कार्यकाल 31 दिसंबर,2025 को खत्म हो गया है। इसके बाद 8वें वेतन आयोग लागू होने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 8वें वेतन आयोग गठित करने का फैसला किया था। यह आयोग तेजी से काम कर रहा है और वेतन वृद्धि और फिटमेंट फैक्टर पर बड़े फैसले लेने के लिए तैयार है। इन्हीं फैसलों के आधार पर केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए नई सैलरी और पेंशन तय किए जाएंगे।
8वां वेतन आयोग
बता दें कि 8वें वेतन आयोग की घोषणा पिछले साल जनवरी में की गई थी, और इसके 'टर्म्स ऑफ रेफरेंस' (ToR) नवंबर में जारी किए गए थे। तब से लेकर अब तक, वेतन वृद्धि, बकाया राशि, संशोधनों और पेंशन में प्रस्तावित बदलावों को लागू किए जाने को लेकर काफी अटकलें लगाई जा रही हैं।
वेतन आयोग क्या होता है?
वेतन आयोग एक सरकारी पैनल है जिसे हर 10 साल में केंद्रीय कर्मचारियों और रिटायर हो चुके पूर्व सैनिकों के वेतन, भत्ते और पेंशन में बदलाव करने के लिए बनाया जाता है। यह पैनल इन बदलावों के योगदान, रिटायरमेंट के फायदों और सरकारी खर्च पर पड़ने वाले व्यापक असर को आंकने के लिए अपनी सिफारिश केंद्र सरकार को भेजता है। वेतन आयोग की सिफारिश पर ही केंद्र सरकार फैसला लेती है।
सिफारिशों को लागू होने में कितना समय लगता है?
8वें वेतन आयोग की अधिसूचना 17 जनवरी 2025 को जारी की गई थी और इसे 1 जनवरी 2026 तक लागू किया जाना निर्धारित था। हालांकि, सिफारिशें अभी मिली नहीं है। अगर पिछले वेतन आयोगों की समय-सीमाओं पर नजर डालें तो यह प्रक्रिया काफी लंबी होती है। 7वें वेतन आयोग को गठन से लेकर लागू होने तक ढाई साल लगे, और 6वें वेतन आयोग को दो साल, जबकि 5वें वेतन आयोग को लागू होने में साढ़े तीन साल का समय लगा था। इसलिए 8वें वेतन आयोग लागू होने की उम्मीद 2027 में है। हालांकि, कर्मचारियों को जनवरी, 2026 से बढ़े वेतन का लाभ दिया जाएगा।
नई सैलरी कैसे तय होगी?
वेतन आयोग फिटमेंट फैक्टर के आधार पर नई सैलरी तय करती है। फिटमेंट फैक्टर जितना ज्यादा होगा, सैलरी और पेंशन में उतनी ही ज्यादा बढ़ोतरी होती है। फिटमेंट फैक्टर ग्रेच्युटी, प्रोविडेंट फंड में योगदान और बेसिक पे पर भी असर डालता है। अगर इस बार फिटमेंट फैक्टर 2.60 से 2.85 के बीच तय किया जाता है तो सैलरी में 24-30% तक की बढ़ोतरी हो सकती है। यानी अगर किसी कर्मचारी को अभी बेसिक सैलरी 20 हजार से 22 हजार है तो नए वेतन आयोग लागू होने पर यह बढ़कर 46 हजार से 57,000 रुपये तक हो सकता है।
एरियर का भुगतान कैसे होता है?
नए वेतन आयोग के तहत मिलने वाले एरियर की गणना पिछले आयोग के कार्यकाल की समाप्ति से की जाती है। 5वें वेतन आयोग में, न्यूनतम बेसिक वेतन पाने वालों को 21 महीनों के एरियर के तौर पर लगभग ₹11,200 मिले। 6वें वेतन आयोग में, न्यूनतम बेसिक वेतन पाने वालों को 32 महीनों के एरियर के तौर पर लगभग ₹71,000 मिले थे। वहीं, 7वें वेतन आयोग में, न्यूनतम बेसिक वेतन पाने वालों को छह महीनों के एरियर के तौर पर लगभग ₹13,500 मिले थे।
