DRDO: ‘मेक इन इंडिया’ से मजबूत हो रही देश की सुरक्षा, TDF योजना के तहत 79 योजनाओं को मिली मंजूरी

रक्षा प्रौद्योगिकियों के विकास के लिए प्रौद्योगिकी विकास निधि (टीडीएफ) योजना के तहत अब तक 79 परियोजनाएं मंजूर की गई हैं, जिनकी लागत 334.02 करोड़ रुपये है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उद्योगों को अनुदान सहायता के रूप में प्रति परियोजना 50 करोड़ रुपये तक का फंड दिया जाएगा। यह आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए एमएसएमई, स्टार्टअप, व्यक्तिगत इनोवेटर्स, आरएंडडी संस्थानों और शिक्षाविदों सहित उद्योगों को शामिल करता है।

DRDO: रक्षा प्रौद्योगिकियों के विकास के लिए प्रौद्योगिकी विकास निधि (टीडीएफ) योजना के तहत अब तक 79 परियोजनाएं मंजूर की गई हैं, जिनकी लागत 334.02 करोड़ रुपये है। इसके अलावा, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने देश भर में 15 उद्योग अकादमिक उत्कृष्टता केंद्र (डीआईए-सीओई) स्थापित किए हैं। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने लोकसभा में एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा मेक इन इंडिया पहल के तहत प्रौद्योगिकी विकास निधि योजना रक्षा मंत्रालय का एक प्रमुख कार्यक्रम है। केंद्र सरकार ने उद्योगों, विशेष रूप से एमएसएमई और स्टार्टअप को विभिन्न रक्षा प्रौद्योगिकियों को विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए इस योजना को मंजूरी दी है।

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‘मेक इन इंडिया’ से मजबूत हो रही देश की सुरक्षा

मिलेगा 50 करोड़ तक का फंड

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उद्योगों को अनुदान सहायता के रूप में प्रति परियोजना 50 करोड़ रुपये तक का फंड दिया जाएगा। डीआरडीओ ने रक्षा और सुरक्षा के लिए नई टेक्नोलॉजी के विकास में रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए आईआईएससी बैंगलोर, विभिन्न आईआईटी और केंद्रीय/राज्य विश्वविद्यालयों जैसे संस्थानों में डीआईए-सीओई की स्थापना की है। ये उत्कृष्टता केंद्र शोधकर्ताओं और विद्वानों को आकर्षित करने के लिए अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं, अनुसंधान सुविधाओं और बुनियादी ढांचे से सुसज्जित हैं।

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