₹52,976,00,00,000... ये सिर्फ नंबर नहीं! इतने रुपये साइबर ठगों ने लोगों के बैंक खातों से उड़ा लिए, जानें कैसे बचें

रिपोर्ट में सिटीजन फाइनेंशियल साइबर फ्रॉड रिपोर्टिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम (CFCFRMS) के डेटा का भी हवाला दिया गया है, जिससे पता चलता है कि 2025 में करीब 21 करोड़ साइबर फ्रॉड की शिकायतें मिलीं। रिपोर्ट में कहा गया है कि इनमें से लगभग 45 प्रतिशत मामले दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों - कंबोडिया, म्यांमार और लाओस से आए थे।

भारत में साइबर फ्रॉड किसी तेजी से आम लोगों को शिकार बना रहा है, यह इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) द्वारा जुटाए गए नए डेटा से पता चला है। डेटा के अनुसार, पिछले 6 सालों में भारतीयों ने अलग-अलग साइबर फ्रॉड और धोखाधड़ी के मामलों में ₹52,976,00,00,000 से ज्यादा गंवा दिए हैं। इंडियन एक्सप्रेस ने यह रिपोर्ट प्रकाशित की है। रिपोर्ट में पूरे देश में इन्वेस्टमेंट ट्रैप, डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन स्कैम, बैंकिंग फ्रॉड और साइबर फिशिंग जैसे फाइनेंशियल क्राइम में बढ़ोतरी का खुलासा हुआ है। I4C केंद्रीय गृह मंत्रालय का एक डिवीजन है जो लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों (LEA) के लिए एक फ्रेमवर्क और इको-सिस्टम प्रदान करता है।

साइबर फ्रॉड

साइबर फ्रॉड

फ्रॉड की 21,77,524 शिकायतें मिलीं

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के डेटा का हवाला दिया गया है, जिससे पता चलता है कि 2025 में पिछले साल– लगभग ₹19,812.96 करोड़ का नुकसान हुआ और धोखाधड़ी से जुड़ी 21,77,524 शिकायतें मिलीं। रिपोर्ट में दिए गए डेटा से पता चलता है कि 2025 में हुए ₹19,812 करोड़ के नुकसान में से, लगभग 77 प्रतिशत इन्वेस्टमेंट स्कीम के नाम पर, 8 प्रतिशत डिजिटल अरेस्ट के ज़रिए, 7 प्रतिशत क्रेडिट कार्ड फ्रॉड से, 4 प्रतिशत सेक्स्टॉर्शन में, 3 प्रतिशत ई-कॉमर्स फ्रॉड में और 1 प्रतिशत ऐप/मैलवेयर आधारित फ्रॉड में हुआ।

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