PM Modi ने आज लोकसभा में पश्चिम एशिया संकट को "चिंताजनक" बताया और कहा कि यह संकट सिर्फ उस क्षेत्र तक सीमित नहीं बल्कि पूरी दुनिया को प्रभावित कर रहा है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद यह PM Modi का यह पहला संसदीय संबोधन है। प्रधानमंत्री नें इस देश की ऊर्जा सुरक्षा, खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों की सुरक्षा, देश के किसानों के लिए खाद सहित तमाम अहम मिसलों पर बात करते हुए Hormuz Strait पर भारत का रुख स्पष्ट किया।
संसद को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (इमेज क्रेडिट, संसद टीवी)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में बोलते हुए कहा कि देश के किसानों के लिए फर्टिलाइजर की कोई कमी नहीं होने वाली है। फिलहाल, देश में फर्टिलाइजर्स का पर्याप्त स्टॉक है। इसके अलावा सरकार लगातार नए स्रोतों से फर्टिलाइजर का इंतजाम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह बयान उस समय आया है, जब देश पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के चलते तेल और गैस आपूर्ति के संकट से जूझ रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने साफ कहा कि होर्मुज स्ट्रेट का बंद होना भारत को स्वीकार नहीं है। भारत की तेल और गैस की सप्लाई में इस रास्ते की अहम भूमिका है। PM Modi ने संसद में बताया कि भारत अपनी LPG जरूरत का 60% आयात करता है। इसमें से बड़ा हिस्सा होर्मुज के रास्ते आता है। युद्ध की वजह से तेल-गैस की सप्लाई बाधित हुई है। लेकिन, सरकार ने इससे निपटने के त्वरित उपाय किए हैं। भारत ने गैस का घरेलू उत्पादन बढ़ाया है। इसके साथ ही गैस के घरेलू उपयोग को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया है। इसके साथ ही पीएम मोदी ने बताया कि पहले भारत 27 देशों से ऊर्जा आयात करता था, अब यह संख्या बढ़कर 41 हो गई है।
LGP को लेकर बड़ा संकेत
प्रधामंत्री ने देश में डीजल-पेट्रोल और गैस जैसे ईंधन की कीमतों को लेकर सीधे तौर पर तो कोई बात नहीं की, लेकिन उन्होंने LPG के घरेलू प्रोडक्शन को बढ़ाने और एनर्जी स्रोतों में विविधता लाने की बात करते हुए एक संकेत दिया है कि सरकार फिलहाल ईंधन की कीमतें बढ़ाने की जगह दूसरे स्रोतों से आपूर्ति बढ़ाने पर जोर दे रही है, जो निश्चित रूप से आम लोगों के लिए राहत का संकेत है।
फिलहाल कितना है फर्टिलाइजर का भंडार
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 19 मार्च, 2026 तक भारत के पास यूरिया का 61.14 लाख टन, DAP का 24.24 लाख टन और NPK का 57.21 लाख टन का बफर स्टॉक है। कुल मिलाकर यह पिछले साल से 36.6% ज्यादा है। इसके अलावा सरकार ने स्पॉट मार्केट से गैस खरीदकर यूरिया प्लांट्स में उत्पादन को भी 62% से बढ़ाकर 80% कर दिया है। ऐसे में किसानों को खरीफ के सीजन में खाद की कमी नहीं होगी।
खाद में होर्मुज की क्या भूमिका?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे अहम एनर्जी और कमोडिटी कॉरिडोर है। दुनिया का 20% तेल इसी रास्ते से गुज़रता है। लेकिन, सिर्फ तेल नहीं, भारत फर्टिलाइजर का बड़ा हिस्सा भी इसी रूट से मंगाता है। सऊदी अरब, UAE और ओमान से भारत को यूरिया, DAP और पोटाश जैसे उर्वरकों की सप्लाई होती है। लेकिन, होर्मुज बंद होने से यह सप्लाई बाधित है। अगर यह रास्ता लंबे समय तक बंद रहा और शिपिंग महंगी हुई, तो खाद की कीमतें सीधे बढ़ेंगी, जिसका बोझ किसानों पर पड़ेगा। हालांकि, सरकार ने साफ कर दिया है कि किसानों को इस मोर्चें पर कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
