How To Check Car Engine Oil Level: मॉडर्न कारों में आमतौर पर इंजन ऑयल को 10 हजार किलोमीटर चलने या इससे ज्यादा चलने के बाद रिप्लेसमेंट की जरूरत होती है। हालांकि. बढ़ते ट्रैफिक और लो एवरेज स्पीड की वजह से कार इंजन लंबे समय तक चलता रहता है। इससे तेल की खपत ज्यादा होती है। ये खपत पुराने मॉडलों में और भी बढ़ जाती है। लेकिन, इंजन में तेल का लेवल कम होना मोटर के इंटरनल पार्ट्स के लिए घातक साबित हो सकता है। इसे रिपेयर कराना और भी महंगा पड़ता है।
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ऐसी किसी भी स्थिति से बचने के लिए कुछ हफ्तों के गैप में तेल स्तर को चेक करने का सुझाव दिया जाता है। ऐसे में हम यहां आपको इंजन ऑयल लेवल को चेक करने का तरीका बताने जा रहे हैं।
इंजन को ठंडा होने दें
जब इंजन चलता है तो ये काफी गर्म हो जाता है। ऐसे में इस स्थिति में इंजन ऑयल को चेक नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही इंजन ऑयल लेवल को पूरी तरह से ठंडे इंजन में भी चेक नहीं करना चाहिए। ऐसे में कम से कम 10-15 मिनट के लिए इंजन को ठंडा होने दें। इससे इंजन के सभी पार्ट्स ऑयल को लोवर ऑयल पैन में कलेक्ट होने का मौका मिलेगा।
कार को समतल जगह पर पार्क करें
इंजन ऑयल चेक करने से पहले कार को किसी समतल जगह पर पार्क करें। इसे किसी रैम्प या उबड़-खाबड़ वाली जगह पर पार्क करने से बचें। क्योंकि, किसी भी तरह का टिल्ट इंजन ऑयल लेवल की गलत रीडिंग दे सकता है।
येलो डिपस्टिक को बाहर निकालें और क्लिन करें
कार के बोनट को ओपन करने पर आपको येलो कलर का डिपस्टिक नजर आएगा। ये आमतौर पर इंजन डिपार्टमेंट के सेंटर में मौजूद होता है। इसे बाहर निकालें और एक साफ कपड़े से पोछें। ध्यान रहे कि कपड़ा साफ हो। वर्ना ये इंजन के कई हिस्सों को नुकसान पहुंचा सकता है।
अंडर डालें और बाहर निकालें
साफ करने के बाद डिपस्टिक को पूरी तरह से अंदर डालें और बाहर निकालने से पहले कुछ देर के लिए रुक जाएं। इसके बाद ऑयल मार्क को चेक करें। ये मिनिमम या लो और मैक्जिमम या हाई मार्किंग के बीच होना चाहिए।
जरूरत पड़ने पर करें टॉपअप
अगर आपको लगे कि इंजन ऑयल जरूरत से कम है। तो तेल डाल दें। ध्यान रहे कि कंपनी द्वारा बताए गए तेल ही इस्तेमाल करें। वर्ना ये इंजन का नुकसान पहुंचा सकता है।
