Tesla Set To Debut In India: टेस्ला ने कुछ समय पहले भारतीय मार्केट में एंट्री करने का प्लान बनाया था और इसके लिए बेंगलुरु में ऑफिस खोलने से लेकर देश में कंपनी का स्टाफ रिक्रूट करने तक की प्रोसेक पूरी कर ली थी। उस समय विदेश से पुर्जे मंगाने पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी में छूट नहीं मिलने पर एलोन मस्क ने ये प्लान ड्रॉप कर दिया था। लेकिन अब कंपनी के भारत में एंट्री के रास्ते दोबारा साफ होते नजर आ रहे हैं। टेस्ला इंक ने देश में इलेक्ट्रिक वाहन बनाने का उत्पादन प्लांट खोलने का फैसला किया है जहां से घरेलू बाजार में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री होगी।
अब कंपनी के भारत में एंट्री के रास्ते दोबारा साफ होते नजर आ रहे हैं।
यहीं से होगा आस-पास के देशों में निर्यात
टेस्ला देश के मार्केट में नए प्रोडक्शन प्लांट में बनी इलेक्ट्रिक कारों को बेचने के साथ-साथ विदेशी मार्केट में इनका निर्यात भी भारत से ही करने वाली है। हालांकि सूत्रों की मानें तो टेस्ला ने फिलहाल ये जानकारी नहीं दी है कि नया उत्पादन प्लांट कहां खोला जाएगा और ये जानकारी भी नहीं मिली है कि इस प्लांट पर कितना निवेश किया जाने वाला है। गौरतलब है कि चीन से कई निर्माता कंपनियां अपना व्यापार समेट कर भारत आ रही हैं, इनमें हालिया कंपनी ऐप्पल है।
मेक-इन-इंडिया के चलते हुई देरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक-इन-इंडिया प्लान की वजह से ही एलोन मस्क ने संभवतः भारत में प्रोडक्शन प्लांट खोलने का प्लान बना लिया है। मेक-इन-इंडिया प्लान के तहत कई दिग्गज कंपनियां अब भारतीय मार्केट में वाहनों का घरेलू उत्पादन कर रही हैं और इससे ना सिर्फ रोजगार बढ़ा है, बल्कि फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट यानी एफडीआई में भी इजाफा हुआ है। नाम ना बताने की शर्त पर ये जानकारी एक सूत्र ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को दी है।
पहले क्यों ठंडे बस्ते में चली गई थी बात?
टेस्ला पहले भारत में अपनी कारों का मार्केट में प्रदर्शन देखना चाह रही थी, इसीलिए कंपनी ने पूरी तरह आयात कर इलेक्ट्रिक कारें बेचने का प्लान पहले बनाया था। इस सिलसिले में टेस्ला ने मांग की थी कि विदेश से आयात किए जाने वाले पुर्जों पर करीब 100 फीसदी तक इंपोर्ट ड्यूटी भारत सरकार माफ कर दे। लेकिन नितिन गडकरी ने एलोन मस्क को कहा था कि भारत में इलेक्ट्रिक कारें बेचना है तो उन्हें भारत में ही प्लांट बनाना होगा।
