New FasTag Rules: भारत सरकार ने 1 अगस्त 2024 से फास्टैग इस्तेमाल करने के नियमों में बड़े बदलाव कर दिए हैं। अब टोल प्लाजा पर बिना किसी परेशानी के फास्टैग का इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स को जरूरी अपडेट करने को कहा गया है। इन नियमों का पालन ना करने पर यूजर्स का फास्टैग ब्लैकलिस्ट भी हो सकता है। सरकार ने कार चालकों और यात्रियों के लिए ही इन नियमों को लागू किया है, इसके अंतर्गत अब टोल प्लाजा पर लगने वाला लंबा समय लगभग नाम मात्र का रह जाएगा। कुल मिलाकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ये काम जनता की सहूलियत के लिए ही किया है। आज से नई कार खरीदने वालों को तीन महीने के भीतर कार का रजिस्ट्रेशन नंबर बताना होगा।
इन नियमों का पालन ना करने पर यूजर्स का फास्टैग ब्लैकलिस्ट भी हो सकता है।
केवायसी है सबसे महत्वपूर्ण
आपकी कार पर लगे फास्टैग में सबसे बड़ा बदलाव नो योर कस्टमर यानी केवायसी प्रोसेस में हुआ है। अपडेटेड गाइडलाइंस के अनुसार 1 अगस्त 2024 से आपको 5 साल या उससे पुराने फास्टैग को बदलना होगा। इसके लिए संबंधित अथॉरिटी में जाकर उन्हें फास्टैग जारी होने की तारीख बतानी होगी और इसे बदलने के लिए निवेदन करना होगा। इसके बाद आपको मौजूदा फास्टैग अकाउंड अमान्य हो जाएगा। तो फास्टैग कम से कम तीन साल पुराने हैं, उनके लिए केवायसी प्रोसेस रिन्यू कराना अनिवार्य कर दिया गया है। यूजर्स और फास्टैग सर्विस देने वाली कंपनियों को ये प्रक्रिया 31 अक्टूबर या उससे पहले पूरी करनी होगी।
कब ब्लैकलिस्ट होगा फास्टैग
फास्टैग इस्तेमाल करने वाले यूजर्स अगर 1 अगस्त से 31 अक्टूबर 2024 के बीच केवायसी अपडेट नहीं करते हैं, तो उनका फास्टैग ब्लैकलिस्ट हो जाएगा। इसके अलावा वाहन मालिक का फोन नंबर और गाड़ी का नंबर दोनों फास्टैग से कनेक्ट होंगे। अप्रैल 2024 से ही एक वाहन के लिए सिर्फ एक फास्टैग देने का नियम आ चुका है जिससे एक फास्टैग पर कई वाहन ना चलाए जा सकें। अब नए नियमों में वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर, चेसी नंबर और मालिक के फोन नंबर को फास्टैग अकाउंट से जोड़ना भी अनिवार्य कर दिया गया है। यहां वाहन मालिक को गाड़ी के अगले हिस्से का फोटो भी जमा करना होगा ताकि प्रक्रिया पूरी हो सके।
