मारुति सुज़ुकी ने भारत में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) मार्केट में अपनी पहली इलेक्ट्रिक SUV e-Vitara को लॉन्च कर एक धमाकेदार एंट्री कर ली है। यह कदम कंपनी के लिए EV सेगमेंट में बड़ी छलांग माना जा रहा है। आइए जल्दी से मारुति की नई ईवी की कीमत से लेकर फीचर तक पर एक नजर डालें-
Maruti e Vitara (Photo: Maruti Suzuki)
कितनी है कीमत
e-Vitara की शुरुआती कीमत 10.99 लाख रुपए (ex-showroom) रखी गई है, लेकिन इसमें बैटरी शामिल नहीं है। बैटरी को कंपनी Battery-as-a-Service (BaaS) मॉडल के तहत रेंटल आधार पर दे रही है, जिसके लिए ग्राहकों को प्रति किलोमीटर 3.99 रुपए अतिरिक्त भुगतान करना होगा। यह Battery-as-a-Service (BaaS) मॉडल एक तरह का डुअल-लोन स्ट्रक्चर है, जिसमें बैटरी की कीमत अलग रखकर वाहन की शुरुआती लागत कम की जाती है। इस रणनीति से इलेक्ट्रिक SUV का मालिकाना खर्च घटाने की कोशिश की जा रही है।
बुकिंग और डिलीवरी
e Vitara की घोषित शुरुआती कीमत 49kWh बैटरी पैक वाले डेल्टा ट्रिम के लिए है। इस मॉडल की बुकिंग 21,000 रुपए में शुरू हो चुकी है और डिलीवरी भी शुरू कर दी गई है। यह इलेक्ट्रिक SUV 49kWh और 61kWh दो बैटरी पैक विकल्पों में उपलब्ध है। कंपनी के मुताबिक, यह अधिकतम 543 किलोमीटर तक की क्लेम्ड रेंज देती है। e Vitara को डेल्टा, जेटा और सिग्मा ट्रिम्स में पेश किया गया है।
मारुति निकली सबसे आगे
मारुति की यह कीमत काफी आकर्षक मानी जा रही है, क्योंकि यह Hyundai Creta EV, Mahindra BE 6, MG ZS EV और Tata Curvv EV जैसे प्रतिस्पर्धियों की तुलना में काफी कम है। मारुति का मानना है कि यह रणनीति EV सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा को और तेज करेगी।
बायबैक और फायदे
Maruti Suzuki अपनी e Vitara SUV के साथ ग्राहकों को मजबूत वारंटी और अतिरिक्त फायदे भी दे रही है। कंपनी बैटरी पैक पर 8 साल/1,60,000 किलोमीटर की वारंटी और वाहन पर 3 साल की वारंटी प्रदान कर रही है। इसके अलावा, वाहन की 5 साल की एक्सटेंडेड वारंटी भी अतिरिक्त शुल्क पर ली जा सकती है। e Vitara में बायबैक योजना भी शामिल है। इस योजना के तहत 3 साल/45,000 किलोमीटर के प्लान पर ग्राहकों को 60% बायबैक वैल्यू और 4 साल/60,000 किलोमीटर के प्लान पर 50% बायबैक वैल्यू की गारंटी दी जाती है।
चार्जिंग और सर्विस नेटवर्क
मारुति सुज़ुकी ने देश भर में 2,000 से अधिक चार्जिंग प्वाइंट तैयार किए हैं, और Nexa डीलरशिप नेटवर्क के अलावा EV-रेडी सर्विस वर्कशॉप्स भी उपलब्ध कराई हैं, ताकि ग्राहक को सुलभ चार्जिंग और सर्विस सुविधा मिले। साथ ही 14,000 से अधिक चार्जर कंपनी के EV ऐप से जोड़े गए हैं।
जुलाई के बाद उत्पादन विस्तार की योजना
कंपनी ने यह भी साफ किया है कि जुलाई तक उत्पादन क्षमता में कुछ सीमाएं रह सकती हैं, क्योंकि गुजरात प्लांट में सालाना लगभग 1,00,000 यूनिट की क्षमता है और वहीं अन्य मॉडलों की डिमांड व निर्यात की जिम्मेदारियां भी चल रही हैं। परंतु जुलाई के बाद उत्पादन विस्तार की योजना है, जिससे डिलीवरी में सुधार होगा।
