नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट रेड्रेसल कमिशन ने बड़ा फैसला सुनाते हुए टोयोटा ग्राहका को डिफेक्टेड इनोवा कार बेचने के लिए हर्जाना देने को कहा है। सुनील रेड्डी को बेची गई टोयोटा इनोवा दुर्घटनाग्रस्त हुई जिसमें इसके दोनों फ्रंट एयरबैग्स नहीं खुले। इसके खिलाफ मामला एनसीडीआरसी के सामने पहुंचा, इस कमिशन ने टोयोटा किर्लोसकर मोटर्स और नंदी टोयोटा वर्ल्ड डीलरशिप को हर्जाना देने का आदेश दिया है। एनसीडीआरसी ने कहा कि या तो ग्राहकों को 9 प्रतिशत ब्याज के साथ 15 लाख रुपये दिए जाएं, या फिर उन्हें नई टोयोटा इनोवा कार दी जाए।
टोयोटा किर्लोसकर मोटर्स और नंदी टोयोटा वर्ल्ड डीलरशिप को हर्जाना देने का आदेश दिया है।
12 साल से लड़ रहे केस
सुनील रेड्डी 12 साल से ये केस लड़ रहे थे, इन्होंने 11 मार्च 2011 को नई टोयोटा इनोवा का वीएक्स डीजल 7-सीटर मॉडल खरीदा था। 16 अगस्त 2011 को एक ऑटो रिक्शा से टकरा जाने के बाद उनकी गाड़ी के एयरबैग्स नहीं खुले, उन्होंने अपनी कार नंदी टोयोटा वर्ल्ड डीलरशिप पर दी जहां से इसे खरीदा गया था। इस कार में रिपेयरिंग और अनुमानित खर्च की जानकारी दिए बिना कंपनी ने इसका रिपेयर शुरू कर दिया। न्याय पाने के लिए रेड्डी ने कंपनी को लीगल नोटिस भेजा और कोई जवाब ना मिलने के बाद वो जिला उपभोक्ता फोरम पहुंचे।
मिलेंगे 32 लाख रुपये
एनसीडीआरसी ने कंपनी को इस दुर्घटना और डिफेक्टेड प्रोडक्ट ग्राहक को बेचने का दोषी पाया है और इन्हें सुनील रेड्डी को हर्जाना चुकाने के आदेश दिए हैं। यहां अगर टोयोटा इसके मामले में रेड्डी को हर्जाना भरने का फैसला लेती है, तो कंपनी को करीब 32,07,506 रुपये देने होंगे। इसमें 15,09,415 रुपये पर 9 प्रतिशत ब्याज करीब 12.5 साल के लिए जोड़ा गया है। ये रकम करीब 17 लाख रुपये होती है और अगर मूल राशि के साथ ब्याज जोड़ दें तो यहां सुनील रेड्डी को कुल 32 लाख रुपये से भी ज्यादा राशि मिलने वाली है।
