Car Cooling: भारत में भीषण गर्मियों की शुरुआत हो चुकी है। देश के कई शहरों में तापमान 45 डिग्री का आंकड़ा भी पार करने लगा है। ऐसे में जहां घरों के AC फेल हो रहे हैं, वहां कार के AC से सही कूलिंग ना मिलना तो आम बात है। बहुत से लोग भीषण गर्मियों से बचने के लिए अपनी कार में सन कर्टन या यूवी प्रोटक्शन वाली फिल्म लगवा रहे हैं। लेकिन इन उपायों से भी कार के केबिन में गर्मी कम नहीं हो रही है। दूसरी तरफ बहुत सी कार निर्माता कंपनियां कारों के केबिन को अंदर से ठंडा बनाए रखने के लिए एडवांस्ड ग्लास कोटिंग का इस्तेमाल कर रही हैं। इससे कार के AC पर पड़ने वाला भार भी कम हो रहा है और कार के केबिन में मौजूद थर्मल लोड भी कम हो जाएगा।
कार कंपनियां कर रही हैं स्पेशल ग्लास का इस्तेमाल, कैबिन में रौशनी आएगी गर्मी नहीं
क्यों हो रहा है ग्लास कोटिंग का इस्तेमाल?
दरअसल कारों का साइज पहले से बड़ा होने लगा है। ज्यादातर लोग अब SUVs या इलेक्ट्रिक वाहन खरीद रहे हैं। कारों का साइज बड़ा होने के साथ ही उनकी खिड़कियों और विंडशील्ड पर लगने वाले ग्लास का साइज भी बड़ा होने लगा है। ग्लास का साइज बड़ा होने की वजह से कार में पहले से ज्यादा रोशनी और धूप आती है जिसकी वजह से तापमान भी बढ़ता है। इसीलिए कार कंपनियां विशेष प्रकार की ग्लास कोटिंग का इस्तेमाल कर रही हैं।
इस टेक्नालॉजी में क्या है खास?
कारों के लिए गिलास बनाने वाली कंपनियों ने एक विशेष तरीके के सोलर रिफ्लेक्टिव कोचिंग को विकसित कर लिया है। सिल्वर, जिंक और टिन जैसे मेटल ऑक्साइड की मदद से यह सोलर रिफ्लेक्टिव कोटिंग तैयार की जाती है। यह कोचिंग धूप से आने वाली इंफ्रारेड रेडिएशन को शक लेती है जिससे कर के भीतर मौजूद तापमान कम बना रहता है। इस वक्त पूरी दुनिया में तापमान बढ़ रहा है ऐसे में गर्मी से राहत पाने के लिए ग्लास कोटिंग का यह एडवांस्ड सॉल्यूशन काफी जरूरी हो जाता है।
