Lok Adalat: लोक अदालत में ट्रैफिक चालान माफ होने की खबरें अक्सर सोशल मीडिया पर वायरल होती रहती हैं। कई लोग यह मानकर लोक अदालत पहुंच जाते हैं कि उनका हर चालान रद्द हो जाएगा या बिना जुर्माना भरें उनका मामला निपट जाएगा, लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है। लोक अदालत में सभी चालान माफ नहीं होते, बल्कि केवल वही मामले निपटाए जाते हैं जिनमें समझौता संभव हो या चालान की श्रेणी इसके अनुसार हो। आइए जानते हैं कि लोक अदालत में कौन-कौन से चालान माफ नहीं होते हैं...
lok adalat challan settlement /Photo-canva
चालान जो लोक अदालत में माफ हो जाते हैं?
लोक अदालत में मुख्य रूप से वही ट्रैफिक चालान सुने जाते हैं जिनमें व्यक्ति की गलती हल्की हो और मामला कोर्ट में लंबित हो। इनमें बिना हेलमेट चलाना, सीट बेल्ट न लगाना, नो-पार्किंग में वाहन खड़ा करना, हल्की ओवरस्पीडिंग आदि इन मामलों में लोक अदालत में अक्सर छूट या कम जुर्माने के साथ मामला निपट जाता है।
कौन-से चालान कभी माफ नहीं होते?
कुछ चालान श्रेणियां ऐसी हैं जो लोक अदालत में माफ नहीं की जातीं, क्योंकि इन्हें गंभीर अपराध माना जाता है। जैसे: नशे में गाड़ी चलाना, वाहन चोरी या फर्जी दस्तावेज, दुर्घटना या हिट एंड रन केस, रेड लाइट जंप करके दुर्घटना करना, लाइसेंस के बिना वाहन चलाना आदि। ऐसे मामलों में लोक अदालत केवल प्रक्रिया को सरल बना सकती है, लेकिन चालान रद्द या माफ नहीं होता।
लोक अदालत जाने से पहले यह करें
- अपना चालान ऑनलाइन चेक करें
- यह देखें कि आपका मामला कोर्ट में लंबित है या नहीं
- दस्तावेज जैसे RC, DL, इंश्योरेंस साथ रखें
