Car एक्सीडेंट के बाद क्लेम के लिए नहीं काटने होंगे चक्कर, डिजिटल ट्रैकिंग से बदला पूरा गेम

कार इंश्योरेंस की प्रक्रिया में पिछले कुछ वर्षों में एक बड़ा बदलाव आया है। कागजी कार्रवाई से हटकर अब डिजिटल क्लेम ट्रैकिंग ने बहुत से चीजों के पहले के मुकाबले आसान कर दिया है।

भारत में कार इंश्योरेंस (Car Insurance) का तरीका पिछले कुछ वर्षों में काफी बदल गया है। जहां पहले इंश्योरेंस क्लेम करने की प्रक्रिया में ढेर सारी कागजी कार्रवाई, बार-बार फोन कॉल और लंबा इंतजार शामिल होता था, वहीं डिजिटल टेक्नोलॉजी ने इस पूरे एक्सपीरियंस को पहले से कहीं अधिक आसान, पारदर्शी और यूजर फ्रेंडली बना दिया है। इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ी भूमिका डिजिटल क्लेम ट्रैकिंग (Digital Claim Tracking) की है, जिसने पॉलिसीधारकों को अपने क्लेम की स्थिति पर रियल-टाइम नजर रखने की सुविधा दी है।

Car Insurance

कार इंश्योरेंस (Photo: iStock)

क्या है डिजिटल क्लेम ट्रैकिंग?

डिजिटल क्लेम ट्रैकिंग ऐसी सुविधा है, जिसके जरिए ग्राहक मोबाइल ऐप, वेबसाइट या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपने इंश्योरेंस क्लेम के स्टेटस को ट्रैक कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें बार-बार कस्टमर केयर से संपर्क करने की जरूरत नहीं पड़ती। ग्राहक आसानी से देख सकते हैं कि उनका क्लेम किस स्टेज में है और आगे क्या प्रक्रिया बाकी है। इस सिस्टम के जरिए क्लेम रजिस्ट्रेशन, डॉक्यूमेंट्स जमा करना, सर्वेयर की नियुक्ति, वाहन निरीक्षण, रिपेयर अप्रूवल, क्लेम सेटलमेंट और क्लेम क्लोजर जैसी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां ऑनलाइन उपलब्ध रहती हैं।

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