Toyota Fortuner के नेक्स्ट जेनरेशन मॉडल ग्लोबल टेस्टिंग के दौरान देखा गया है, जिससे साफ संकेत मिलता है कि 2026 के अंत तक भारतीय बाजार में इसका बड़ा अपडेट आने वाला है। मौजूदा मॉडल में ग्राहकों की पुराने इंटीरियर और एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस फीचर्स की कमी को लेकर शिकायतें सामने आती हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि नई फॉर्च्यूनर में कंपनी इन कमियों को दूर करने की तैयारी में है, जबकि इसकी मजबूत और दमदार पहचान को बरकरार रखा जाएगा। आइए जानते हैं नई फॉर्च्यूनर किन बड़े बदलावों के साथ लाए जाने की उम्मीद है-
जल्द आ रही है नई Toyota Fortuner (Photo: toyota bharat)
मॉडर्न टेक वाला इंटीरियर
सबसे बड़ा बदलाव केबिन में देखने को मिल सकता है। नई फॉर्च्यूनर में 12.3-इंच का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और 12.3-इंच का बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ओवर-द-एयर (OTA) अपडेट और बेहतर कनेक्टिविटी फीचर्स भी दिए जा सकते हैं। मौजूदा मॉडल में 8-इंच स्क्रीन और एनालॉग गेज अब इस प्राइस रेंज के हिसाब से पुराने माने जाते हैं, इसलिए यह अपग्रेड ग्राहकों के लिए काफी महत्वपूर्ण होगा।
नया प्लेटफॉर्म
नई फॉर्च्यूनर में बेहतर IMV लैडर-फ्रेम आर्किटेक्चर का इस्तेमाल किया जा सकता है, जो नई Hilux में भी देखा गया है। इससे राइड क्वालिटी और स्टीयरिंग फील में सुधार होगा। साथ ही, बॉडी-ऑन-फ्रेम डिजाइन को बनाए रखते हुए हाइब्रिड तकनीक की संभावना भी खुल सकती है। यह बदलाव उन ग्राहकों के लिए खास होगा जो मजबूत SUV के साथ बेहतर ड्राइविंग अनुभव चाहते हैं।
पहली बार मिल सकता है ADAS
सेफ्टी के मामले में भी बड़ा अपडेट देखने को मिल सकता है। ग्लोबल मार्केट में Toyota Safety Sense के तहत लेन डिपार्चर वार्निंग और अडैप्टिव क्रूज कंट्रोल जैसे फीचर्स मिलने की उम्मीद है। भारत में ये फीचर्स टॉप वेरिएंट्स में पेश किए जा सकते हैं, जिससे यह अपने प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले ज्यादा प्रतिस्पर्धी बन सके।
वाइडर एक्सटीरियर
हाल ही में सामने आई स्पाई तस्वीरों से संकेत मिलता है कि नया मॉडल पहले से थोड़ा ज्यादा चौड़ा और अधिक सीधा स्टांस के साथ आएगा। इसमें पतले हेडलैम्प्स और नया रियर डिजाइन देखने को मिल सकता है। हालांकि, इसकी पहचान बनाए रखने के लिए कुल मिलाकर बॉक्सी शेप को बरकरार रखा गया है।
इंजन ऑप्शन
इंजन विकल्पों की बात करें तो भारतीय बाजार में 2.8-लीटर डीजल इंजन के साथ मैनुअल और ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन विकल्प जारी रह सकते हैं। हालांकि, ग्लोबल स्तर पर माइल्ड-हाइब्रिड या फुल-इलेक्ट्रिक वेरिएंट भी पेश किए जा सकते हैं।
