UP MLC Election Result 2022 : विधानपरिषद चुनाव में भी भारी पड़ी बीजेपी, समाजवादी पार्टी का नहीं खुला खाता
UP MLC Election Result 2022, UP MLC Chunav Result 2022, Uttar Pradesh Vidhan Parishad Chunav Result 2022 : विधानपरिषद की 36 सीटों के लिए हुए चुनावों के नतीजे अब सामने हैं। समाजवादी पार्टी का खाता तक नहीं खुल सका। वाराणसी में बीजेपी चुनाव हार गई है तो सपा उम्मीदवार कफील खान को भी हार का सामना करना पड़ा है। इसके साथ ही लखनऊ- उन्नाव सीट से सपा उम्मीदवार सुनील सिंह साजन भी चुनाव हार गए हैं। आजमगढ़ मऊ सीट से बीजेपी उम्मीदवार को हार का मुंह देखना पड़ा है।

UP MLC Election Result 2022, Uttar Pradesh Vidhan Parishad Chunav Result 2022 Updates: विधान परिषद की 27 सीटों के नतीजे सामने आ चुके हैं। बीजेपी ज्यादातर 36 में से 33 सीटों पर जीत हासिल करने में कामयाब हुई है,हालांकि वाराणसी सीट बीजेपी हार गई है। इसके साथ ही आजमगढ़ मऊ में भी हार का सामना देखना पड़ा है। बीजेपी जिन तीन सीटों पर चुनाव हारी है वो बाहुबलियों के कब्जे में गई है। इस चुनाव की खास बात यह भी है कि समाजवादी पार्टी का खाता तक नहीं खुला। इन सीटों पर कुल 95 प्रत्याशी मैदान में थे।
UP MLC Election Result 2022 Winners: Check Full List of Winners All Seats
नतीजों से साफ है कि एक विधानसभा चुनाव की तरह बीजेपी एक बार फिर समाजवादी पार्टी पर भारी पड़ी है। चुनावी नतीजों के बाद बीजेपी का कहना है जनता का मन पार्टी के साथ है। जो लोग संकीर्ण विचार के साथ राजनीति करते थे उन्हें एक बार फिर यूपी के लोगों ने सबक सिखा दिया है। लेकिन समाजवादी पार्टी का कहना है कि इस चुनाव में प्रशासनिक मशीनरी का बेजा इस्तेमाल किया गया है जो चुनावी नतीजों में साफ तौर पर झलक रहे हैं।
विधानपरिषद चुनाव में बीजेपी की एकतरफा जीत
विधानपरिषद चुनाव में बीजेपी की एकतरफा जीत हुई है। हालांकि पार्टी वाराणसी सीट को नहीं जीत सकी। इस सीट पर माफिया डॉन बृजेश सिंह का पत्नी अन्नपूर्णा सिंह की जीत हुई। खास बात यह है कि वाराणसी से बीजेपी के उम्मीदवार अपने कार्यकर्ताओं पर भड़क गए और बाहुबल धनबल की जीत बताया।भाजपा द्वारा मैदान में उतारे गए 36 उम्मीदवारों में से पांच समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता हैं, जो फरवरी-मार्च में हुए विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हुए थे। इनमें सुल्तानपुर स्थानीय प्राधिकरण निर्वाचन क्षेत्र से शैलेंद्र प्रताप सिंह, गोरखपुर-महाराजगंज से सीपी चंद, बलिया से रविशंकर सिंह 'पप्पू', झांसी-जालौन-ललितपुर से राम निरंजन और बुलंदशहर से नरेंद्र भाटी शामिल हैं।रविशंकर सिंह ‘पप्पू’ पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के पोते हैं। सपा ने मेरठ-गाजियाबाद और बुलंदशहर सीट अपनी सहयोगी राष्ट्रीय लोक दल के लिए छोड़ी है। समाजवादी पार्टी ने बाकी सभी 34 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं।
प्रतागढ़ में बीजेपी की हार, रायबरेली में जीत
रायबरेली सीट पर बीजेपी के उम्मीदवार दिनेश प्रताप सिंह ने करारी मात दी है। लेकिन प्रतापगढ़ सिंह सीट बीजेपी हार गई है। यहां से राजा भैया समर्थित उम्मीदवार अक्षय प्रताप सिंह की जीत हुई है। उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार हरि सिंह को हराया।
बस्ती-सिद्धार्थनगर से बीजेपी की जीत
बस्ती- सिद्धार्थनगर सीट से बीजेपी के सुभाष यदुवंश की जीत हुई है। उन्होंने सपा उम्मीदवार संतोष यादव सन्नी को बड़े अंतर से हराया। दोनों के बीच का फासला करीब 4280 वोटों का है। सुभाष यदुवंश को 5167 मत और सपा उम्मीदवार को महज 887 वोट मिले।
आजमगढ़-मऊ से बीजेपी की हार
आजमगढ़-मऊ सीट से बीेजेपी उम्मीदवार अरुणकांत यादव अपना चुनाव हार गए हैं। इस सीट से निर्दलीय उम्मीदवार विक्रांत सिंह रिशु की जीत हुई है। विक्रांत सिंह के पिता को हाल ही में बीजेपी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के चलते बाहर का रास्ता दिखा दिया था।
लखनऊ- उन्नाव सीट से सपा की हार
लखनऊ- उन्नाव सीट से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार सुनील सिंह साजन अपना चुनाव हार गए हैं। बीजेपी के राम चंद्र प्रधान की जीत हुई है। बीजेपी उम्मीदवार को 92 फीसद से अधिक मत मिले हैं। यह सीट दोनों दलों के लिए प्रतिष्ठा वाली बनी हुई थी। सपा के दिग्गजों ने अपने उम्मीदवार के लिए जी जान लगा दी गई थी। ये बात अलग है कि सपा ने धनबल और बाहुबल के इस्तेमाल का आरोप भी लगाया था।
वाराणसी में बीजेपी को झटका
वाराणसी में बीजेपी को झटका लगा है। इस सीट से निर्दलीय उम्मीदवार अन्नपूर्णा सिंह की जीत हुई है।अन्नपूर्णा सिंह माफिया डॉन बृजेश सिंह की पत्नी हैं। एमएलसी सीटों की मतगणना वरीयता वोटों के आधार पर होती है। प्रथम वरीयता के वोट के आधार पर कोटा का निर्धारण किया जाता है। कोटा निर्धारण में मान्य वोटों में दो से भाग देकर प्राप्त संख्या में एक अंक जोड़ दिया जाएगा।
वोटों की गिनती पर एक नजर
फर्रुखाबाद में बीजेपी आगे चल रही है। बीजेपी उम्मीदवार प्रांशु दत्त आगे हैं। इसके साथ ही बाराबंकी में बीजेपी उम्मीदवार अंगद कुमार सिंह सपा उम्मीदवार राजेश कुमार सिंह से आगे हैं। देवरिया कुशीनगर सीट से बीजेपी के रतनपाल सिंह, डॉ कफील खान से बड़ी बढ़त बना चुके हैं। बलिया में रविशंकर सिंह अपने निकटतम उम्मीदवार से आगे हैं। कुल 27 सीटों पर चुनाव हुए थे।
बहराइच में बीजेपी की जीत
बहराइच MLC चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी डॉ प्रज्ञा त्रिपाठी 3188 मतों के भारी अंतर से चुनाव जीतने में कामयाब हुई है। डॉ प्रज्ञा त्रिपाठी को 419 वोट और सपा उम्मीदवार को अमर यादव को 231 वोट मिले। अगर बात देवरिया कुशीनगर की करें तो यहां पर सपा उम्मीदवार डॉ कफील अहमद पीछे चल रहे हैं।
देवरिया-कुशीनगर में लड़ाई दिलचस्प
गोरखपुर- महारागंज और वाराणसी की तरह देवरिया- कुशीनगर में लड़ाई दिलचस्प है। यहां पर बीजेपी उम्मीदवार रतन पाल सिंह के खिलाफ सपा की तरफ से कफील खान चुनावी मैदान में हैं। कफील खान चुनावी प्रचार के दौरान प्रशासन के खिलाफ आरोप लगाते रहे हैं। उनका कहना था कि उन्हें प्रचार के दौरान कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
रुझानों पर टिकी नजर
जिन स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्रों के लिए मतों की गिनती हो रही है, उनमें मुरादाबाद-बिजनौर, रामपुर-बरेली, पीलीभीत-शाहजहांपुर, सीतापुर, लखनऊ-उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, बाराबंकी, बहराइच, गोंडा, फैजाबाद, बस्ती-सिद्धार्थनगर, गोरखपुर-महाराजगंज, देवरिया, आजमगढ़-मऊ, बलिया, गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी, इलाहाबाद, झांसी-जालौन-ललितपुर, कानपुर-फतेहपुर, इटावा-फरुखाबाद, आगरा-फिरोजाबाद, मेरठ-गाजियाबाद और मुजफ्फरनगर-सहारनपुर शामिल हैं।नीय प्राधिकरण निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव में ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, खंड विकास परिषदों के अध्यक्ष एवं सदस्य, जिला पंचायत अध्यक्ष और नगरीय निकायों के पार्षद मतदाता होते हैं। इसके अलावा विधायक और सांसद भी इस चुनाव में वोट डालते हैं।राज्य की 100 सदस्यीय विधान परिषद में इस समय भाजपा के 34, जबकि सपा के 17, बसपा के चार और कांग्रेस, अपना दल व निषाद पार्टी के एक-एक सदस्य हैं। वहीं, शिक्षक दल के दो, जबकि निर्दल समूह का एक और एक निर्दलीय सदस्य भी विधान परिषद में मौजूद है।राज्य विधान परिषद की 36 सीटें सात मार्च को संबंधित सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने के कारण रिक्त हो गई थीं। वहीं, सदन की 37वीं सीट नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन के निधन की वजह से खाली हुई है।
सभी 27 सीटों के लिए मतगणना शुरू
विधान परिषद की 36 सीटों में से 27 पर हुए चुनाव में मतगणना शुरू हो चुकी है। मतगणना में किसी तरह की बाधा ना पहुंचे उसके लिए सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। इन 27 सीटों में पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र के साथ साथ सीएम योगी आदित्यनाथ की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी हुई है। इसके साथ ही आजमगढ़ मऊ के साथ साथ प्रतापगढ़ सीट पर भी सबकी नजर है।
UP MLC Election Result 2022 LIVE: मतदान से पहले बीजेपी के खाते में ये 9 सीटें
बीजेपी के नौ प्रत्याशी निर्विरोध चुने जा चुके हैं। मथुरा-एटा-मैनपुरी से ओम प्रकाश सिंह, बदायूं से वागीश पाठक और हरदोई से अशोक अग्रवाल मिर्जापुर-सोनभद्र से श्याम नारायण सिंह उर्फ विनीत को जीत हासिल हो चुकी है। अलीगढ़ से ऋषिपाल सिंह और बुलंदशहर से नरेन्द्र भाटी, लखीमपुर खीरी से अनूप गुप्ता, बांदा-हमीरपुर सीट से जितेन्द्र सिंह सेंगर जीत चुके हैं, हालांकि औपचारिक ऐलान होना बाकी है।
UP MLC Election Result 2022 LIVE: प्रतापगढ़ पर टिकी नजर
प्रतापगढ़ सीट पर भी मुकाबला दिलचस्प है। बीजेपी ने पूर्व विधायक हरि प्रताप सिंह को मैदान में उतारा है। उनके सामने सपा से विजय बहादुर सिंह हैं। एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह उर्फ गोपालजी भी जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी की तरफ से लड़ रहे हैं। कुंडा के विधायक रघुराज प्रताप सिंह ऊर्फ राजा भैया के करीबी अक्षय प्रताप सिंह का विवादों से पुराना नाता रहा है।
UP MLC Election Result 2022 LIVE: वाराणसी, आजमगढ़ मऊ में दिलचस्प मुकाबला
वाराणसी सीट पर बीजेपी के सुदामा पटेल के सामने सपा प्रत्याशी उमेश यादव चुनाव मैदान में हैं। लेकिन इस सीट से मौजूदा एमएलसी माफिया बृजेश सिंह की पत्नी अन्नपूर्णा सिंह भी निर्दलीय चुनावी मैदान में हैं। आजमगढ़-मऊ सीट पर बीजेपी ने सपा विधायक रमाकांत यादव के बेटे अरुणकांत पर बाजी खेली है। बीजेपी एमएलसी यशवंत सिंह के बेटे विक्रांत सिंह निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। बता दें कि यशवंत सिंह को पहले ही छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर चुकी है।
