दूध क्रांति का नया दौर: भारत ने बनाया उत्पादन का रिकॉर्ड, 3 साल में फुट एंड माउथ डिजीज से मिलेगी मुक्ति

India Milk Production: भारत में डेयरी क्षेत्र ने पिछले एक दशक में अभूतपूर्व प्रगति की है। केंद्र सरकार के अनुसार, देश का दूध उत्पादन 2014-15 के 14.63 करोड़ टन से बढ़कर 2024-25 में 24.8 करोड़ टन तक पहुंच गया है। यह करीब 70 प्रतिशत की वृद्धि है, जो भारत को दुनिया के सबसे बड़े दुग्ध उत्पादक के रूप में और मजबूत करती है। राज्यसभा में जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने कहा कि सरकार की नीतियों और योजनाओं के चलते यह उपलब्धि संभव हो सकी है।

India Milk Production: केंद्र सरकार ने बुधवार (25 मार्च 2026) को राज्यसभा में जानकारी दी कि पिछले 11 वर्षों में देश के दूध उत्पादन में जबरदस्त वृद्धि हुई है। वर्ष 2014-15 में जहां भारत का कुल दूध उत्पादन 14.63 करोड़ टन था, वहीं 2024-25 तक यह बढ़कर करीब 24.8 करोड़ टन हो गया है। इस तरह करीब 70 प्रतिशत की वृद्धि ने भारत को वैश्विक स्तर पर दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में और मजबूत बनाया है। मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह ने प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों के जवाब में कहा कि भारत पहले से ही दुनिया का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश है और सरकार के प्रयासों से इस क्षेत्र में निरंतर प्रगति हो रही है।

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भारत में दूध उत्पादन में 70% की बड़ी बढ़ोतरी (तस्वीर-istock)

उत्पादकता में सुधार और किसानों को लाभ

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक मंत्री ने बताया कि केवल उत्पादन ही नहीं, बल्कि पशुओं की उत्पादकता में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। पहले प्रति पशु सालाना औसत दूध उत्पादन 1,648 किलोग्राम था, जो अब बढ़कर 2,251 किलोग्राम हो गया है। यह वृद्धि बेहतर पशुपालन प्रबंधन, वैज्ञानिक तरीकों के उपयोग और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है। इससे डेयरी किसानों की आय में भी सकारात्मक असर पड़ा है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।

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