चावल को लेकर राज्य सभा में उठी ये मांग, सांसद ने क्यों कहा- तीन कैटेगरी में बांटें

Rice Classification: राज्यसभा में बीजेपी सांसद ब्रजलाल ने चावल के तीन कैटेगरी में वर्गीकरण की मांग की। उन्होंने कहा कि फिलहाल वाणिज्य मंत्रालय चावल को केवल बासमती और गैर-बासमती में बांटता है, जिससे गैर-बासमती चावल उगाने वाले किसानों को नुकसान होता है। ब्रजलाल ने शून्यकाल में इसे उठाते हुए कहा कि विशेष किस्मों को अलग श्रेणी में रखा जाना चाहिए।

Rice Classification: राज्यसभा में मंगलवार को चावल के वर्गीकरण को लेकर अहम मुद्दा उठाया गया। भारतीय जनता पार्टी के सांसद ब्रजलाल ने मांग की कि चावल को केवल दो नहीं बल्कि तीन श्रेणियों में बांटा जाए। उन्होंने कहा कि अभी वाणिज्य मंत्रालय चावल को सिर्फ बासमती और गैर-बासमती दो हिस्सों में वर्गीकृत करता है। इस व्यवस्था से गैर-बासमती चावल उगाने वाले किसानों को नुकसान होता है।

Rajya Sabha, BJP, Brij Lal, rice classification, Basmati rice, non Basmati riceet 2026

राज्यसभा में चावल के नए वर्गीकरण की मांग (तस्वीर-PTI/istock)

दो श्रेणियों की व्यवस्था से किसानों को नुकसान

शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए ब्रजलाल ने कहा कि जब देश में चावल की पैदावार ज्यादा हो जाती है और सरकार निर्यात पर रोक लगाती है, तो सबसे पहले गैर-बासमती चावल के निर्यात पर रोक लगती है। इससे उन किसानों को सीधा नुकसान होता है, जो खास किस्म का गैर-बासमती चावल उगाते हैं। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में विशेष किस्म का चावल पैदा होता है, जिसकी अपनी अलग पहचान और मांग है, लेकिन उसे सामान्य गैर-बासमती श्रेणी में डाल दिया जाता है।

End of Feed