Food Stock: भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच केंद्र सरकार ने व्यापारियों और थोक विक्रेताओं को चेतावनी दी है कि वे जरूरी खाद्य वस्तुओं की जमाखोरी से बाज आएं। केंद्रीय खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि देश के पास घरेलू मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त खाद्य भंडार है। सरकारी की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है, जब भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष बढ़ गया है और पाकिस्तान सीमावर्ती शहरों में बिना उकसावे के गोलाबारी और ड्रोन हमले कर रहा है।
देश में पर्याप्त खाद्य भंडार
अफवाहों से बचने की अपील
जोशी ने सोशल मीडिया पर लोगों से आग्रह किया कि वे भंडार की कमी को लेकर फैलाए जा रहे झूठे संदेशों पर विश्वास न करें। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यापारी या संस्था जमाखोरी या कालाबाजारी में लिप्त पाई गई, तो उनके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सीमावर्ती इलाकों में समर्थन की तैयारी
इस बीच, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खरीफ बुवाई सीजन की तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सीमावर्ती राज्यों में किसानों को हरसंभव सहायता दें, ताकि वे युद्ध जैसे हालात में भी कृषि कार्य जारी रख सकें। जरुरत पड़ने पर, प्रभावित गांवों को खाली कराने पर राज्यों से समन्वय किया जाएगा।
वर्तमान खाद्य भंडार स्थिति, खाद्य मंत्रालय के अनुसार:-
- चावल का वर्तमान स्टॉक: 356.42 लाख टन (बफर मानक: 135 लाख टन)
- गेहूं का स्टॉक: 383.32 लाख टन (बफर मानक: 276 लाख टन)
- खाद्य तेल: 17 लाख टन
- भारतीय खाद्य निगम (FCI) के पास अप्रैल 2025 तक: 135.5 लाख टन गेहूं (बफर आवश्यकता: 74.6 लाख टन)
सरकार ने 2024-25 के फसल वर्ष के लिए 341.55 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य रखा है, जिसमें धान, गेहूं, मोटे अनाज और दालें शामिल हैं।
