जीरो टॉलरेंस, कोई लीपापोती नहीं....रूस में SCO मीटिंग में जयशंकर ने आतंकवाद पर सुनाई खरी-खरी

जयशंकर ने कहा कि भारत का मानना ​​है कि एससीओ को बदलते वैश्विक परिदृश्य के अनुकूल होना चाहिए, एक विस्तृत एजेंडा विकसित करना चाहिए और अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम इन उद्देश्यों में सकारात्मक और पूर्ण योगदान देंगे।

Jaishankar On Terrorism At SCO Meeting: भारत ने मंगलवार को कहा कि दुनिया को आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों के प्रति जीरो टॉलरेंस दिखानी चाहिए। साथ ही भारत ने सख्ती से कहा कि इसका कोई औचित्य नहीं हो सकता, इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और इसे छिपाने की जरूरत नहीं है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शासनाध्यक्षों की परिषद की बैठक में आतंकवाद पर खरी-खरी बात कही। जयशंकर ने अपने संबोधन में कहा, जैसा कि भारत ने दिखाया है, हमें आतंकवाद से अपने लोगों की रक्षा करने का अधिकार है और हम इसका प्रयोग करेंगे।

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आतंकवाद पर एस जयशंकर की खरी-खरी (PTI)

जयशंकर ने याद दिलाया, क्यों हुआ था एससीओ का गठन

जयशंकर ने कहा कि भारत का मानना है कि एससीओ को बदलते वैश्विक परिदृश्य के अनुकूल होना चाहिए, एक विस्तृत एजेंडा विकसित करना चाहिए और अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम इन उद्देश्यों में सकारात्मक और पूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने कहा, हमें यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि एससीओ की स्थापना आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद की तीन बुराइयों से निपटने के लिए की गई थी। बीते वर्षों में ये खतरे और भी गंभीर हो गए हैं।

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