Turkey Earthquake : तुर्की और सीरिया में गत छह फरवरी को 7.5 तीव्रता के आए भूंकप में अब तक 34 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। खास बात यह है कि डच शोधकर्ता फ्रैंक हूगरबीट्स ने इस भीषण भूकंप के तीन दिन पहले यानी तीन फरवरी को ही इस कुदरती कहर के बारे में भविष्यवाणी कर दी थी। यह अलग बात है कि उनके इस पूर्वानुमान को गंभीरता से नहीं लिया गया। फ्रैंक नीदरलैंड में सोलर सिस्टम ज्योमेट्री सर्वे (एसएसजीईओएस) के लिए काम करते हैं। यह संस्थान भूकंपीय गतिविधि के संबंध में आकाशीय पिंडों की ज्यामिति का अध्ययन करता है।
रिसर्चर ने अफगानिस्तान, पाकिस्तान और भारत में भूकंप आने का अनुमान जताया है।
रिपोर्टों के मुताबिक फ्रैंक ने एशिया में भूकंप को लेकर भी अनुमान जताया है। उन्होंने कहा है कि अफगानिस्तान में एक भीषण भूकंप आएगा। यह भूकंप पाकिस्तान, भारत से गुजरते हुए हिंद महासागर में खत्म होगा। हालांकि, उनके इस अनुमान को लेकर आशंकाएं जताई गई हैं और इसे खारिज किया गया है।
Sooner or later there will be a ~M 7.5 #earthquake in this region (South-Central Turkey, Jordan, Syria, Lebanon).… t.co/FOVLbH69wN
— ANI (@ANI) Feb 3, 2023
ट्विटर पर शेयर किए गए वीडियो में फ्रैंक को यह कहते हुए सुना जा सकता है। वह कहते हैं कि यदि हम वायुमंडलीय उतार-चढ़ाव को देखें तो इन क्षेत्रों में भूकंप की बड़ी गतिविधियां हो सकती हैं। लेकिन हमें यह बात ध्यान रखनी होगी कि यह अभी मोटे-मोटे अनुमान हैं। सभी बड़े भूकंप अपने पीछे वातावरण में कोई पदचिह्न नहीं छोड़ते और न ही वे अपने बारे में हमेशा कोई घोषणा करते हैं।'
Dutch researcher @hogrbe who anticipated the quake in #Turkey and #Syria three days ago had also predicted seismic… t.co/urBUV0AzTP
— ANI (@ANI) Feb 6, 2023
फ्रैंक के इस अनुमान को पाकिस्तान के मौसम विभाग (पीएमडी) ने यह कहते हुए खारिज कर दिया है कि तुर्की और पाकिस्तान की फाल्ट लाइन में कोई समानता नहीं है। पीएमडी के निदेशक शाहिद अब्बास ने कहा, 'भूकंप की भविष्यवाणी का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। पाकिस्तान के पास अपना अत्याधुनिक निगरानी तंत्र है। यह तंत्र तुर्की और सीरिया में आ रहे आफ्टरशॉक्स पर नजर रख रहा है।'
तुर्की और सीरिया में आए भूकंप के बारे में डच रिसर्चर ने कहा, 'तुर्की के मध्य में भीषण भूकंप से आई तबाही के बारे में जानकर मेरा दिल बैठा जा रहा है। जैसा कि मैंने पहले कहा था कि इस क्षेत्र में देर-सबेर बड़ा भूकंप आएगा। ये भूकंप हमेशा महत्वपूर्ण ग्रहों की ज्यामिति संरचना में बदलाव के बाद आते हैं, जैसा कि हमने 4-5 फरवरी को देखा था।'
