कौन हैं ईरान के नए 'सुप्रीम लीडर' मोजतबा खामेनेई? पर्दे के पीछे रहने वाले उस शख्स की कहानी, जिनके हाथ में अब होगी 'परमाणु शक्ति' की चाबी

ईरान के इतिहास में पिछले 40 से अधिक सालों में यह दूसरा मौका है जब 'सुप्रीम लीडर' की कुर्सी पर किसी नए चेहरे की ताजपोशी हुई है। अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके 56 वर्षीय बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता घोषित कर दिया गया है। सोमवार सुबह ईरानी सरकारी टीवी पर हुई इस घोषणा ने न केवल ईरान, बल्कि पूरी दुनिया के कूटनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। आइए विस्तार से जानते हैं मोजतबा खामेनेई के बारे में।

Mojtaba Khamenei: ईरान के इतिहास में 9 मार्च 2026 की सुबह एक ऐसी तारीख के रूप में दर्ज हो गई है, जिसने न केवल मिडल ईस्ट बल्कि पूरी दुनिया की भू-राजनीति को हिलाकर रख दिया है। अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद, उनके 56 वर्षीय बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया 'सुप्रीम लीडर' घोषित किया गया है। यह घोषणा उस समय हुई जब ईरान अपने सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है। मोजतबा का नाम पहले भी चर्चा में था, लेकिन वे हमेशा पर्दे के पीछे रहे, जिन्होंने कभी किसी सरकारी पद को औपचारिक रूप से नहीं संभाला। अब, वे ईरान के उस 'सिंहासन' पर बैठे हैं जहां से निकलने वाला एक आदेश युद्ध और शांति की दिशा तय करता है।

Who is Mojtaba Khamenei

पर्दे के पीछे रहने वाले मोजतबा खामनेई कौन हैं (चित्र साभार: AP)

कौन हैं मोजतबा खामनेई

मोजतबा खामेनेई का जन्म 1969 में मशहद शहर में हुआ था। यह वह समय था जब उनके पिता अली खामेनेई ईरान के शाह मोहम्मद रजा पहलवी के खिलाफ विद्रोह की मशाल जला रहे थे। मोजतबा का बचपन किसी सामान्य बच्चे जैसा नहीं था। एक बार शाह की गुप्त पुलिस 'सावाक' ने उनके घर पर छापा मारा और उनके पिता की बुरी तरह पिटाई की। उस खौफनाक मंजर के बाद बच्चों को बताया गया कि उनके पिता छुट्टियों पर जा रहे हैं, लेकिन अली खामेनेई ने अपने बच्चों से सच बोलना बेहतर समझा। मोजतबा ने छोटी उम्र से ही संघर्ष और कट्टरता को बहुत करीब से देखा, जिसने उनके व्यक्तित्व को एक सख्त सांचे में ढाल दिया।

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