ईरान ने मंगलवार को देश की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के नए सचिव की नियुक्ति कर दी है। इस पद को अभी तक ईरान के सबसे ताकतवर नेताओं में शुमार अली लारीजानी संभाल रहे थे। अब ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड के पूर्व कमांडर मोहम्मद बगेर जोलघाद्र को ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद का नया सचिव नियुक्त किया गया है।हाल ही में एक हवाई हमले में अली लारीजानी की मौत हो गई थी।
मोहम्मद बगेर जोलघाद्र (फोटो- विकीपीडिया)
ईरानी सरकारी टेलीविजन ने बताया कि जोलघाद्र रिवोल्यूशनरी गार्ड में ब्रिगेडियर जनरल के पद तक पहुंचे। वे ईरान की कार्ययोजना परिषद के सचिव के रूप में कार्यरत थे।
कौन हैं मोहम्मद बगेर जोलघाद्र?
मोहम्मद बगेर जोलघाद्र का जन्म 1954 में ईरान के फासा शहर में हुआ था,जो शिराज के पास स्थित है। उन्होंने तेहरान यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र की पढ़ाई की और इस्लामिक क्रांति से पहले ही राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय हो गए थे। शुरुआती दौर में वे मंसूरून नाम के एक इस्लामिक गुरिल्ला संगठन से जुड़े रहे, जिसने उन्हें क्रांतिकारी और सुरक्षा ढांचे में जगह दिलाई।
इस्लामिक क्रांति के बाद IRGC से जुड़े जोलघाद्र
ईरान की इस्लामिक क्रांति के बाद जोलघाद्र इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़ गए, जो देश की सबसे ताकतवर सैन्य संस्था मानी जाती है। यहां उन्होंने बहुत तेजी से तरक्की की और ब्रिगेडियर जनरल तक पहुंचे। वे IRGC के डिप्टी कमांडर भी रहे और इररेगुलर वॉरफेयर जैसे अहम सैन्य अभियानों की कमान संभाल चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने रमजान हेडक्वार्टर जैसे रणनीतिक सैन्य ढांचे में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
चीफ जस्टिस के सलाहकार भी रह चुके हैं जोलघाद्र
जोलघाद्र का करियर सिर्फ सेना तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने महमूद अहमदीनेजाद सरकार में सुरक्षा मामलों के डिप्टी गृह मंत्री के रूप में काम किया, जहां उनकी जिम्मेदारी देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करना था। बाद में उन्होंने ईरान की न्यायपालिका में भी अहम भूमिका निभाई और रणनीतिक मामलों के उप प्रमुख बने। वे चीफ जस्टिस के सलाहकार भी रह चुके हैं।
वर्तमान में कार्ययोजना परिषद के सचिव थे
वर्तमान में वे कार्ययोजना परिषद (Expediency Discernment Council) के सचिव के रूप में कार्य कर रहे थे, जो ईरान की नीतियों को अंतिम रूप देने वाली एक अहम संस्था है। उनकी छवि एक हार्डलाइन यानी सख्त फैसले लेने वाले नेता की है और उन्हें ईरान के कट्टरपंथी धड़े के करीब माना जाता है।
अंसार-ए-हिजबुल्लाह से भी जुडा है नाम
जोलघाद्र का नाम अंसार-ए-हिजबुल्लाह जैसे संगठनों से भी जुड़ा रहा है और उन्हें सुरक्षा और रणनीति के क्षेत्र में बेहद प्रभावशाली माना जाता है। यही वजह है कि उन्हें अब ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद का सचिव बनाया गया है, जो देश की रक्षा और विदेश नीति के सबसे अहम फैसलों को संचालित करता है।
बता दें कि सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ईरान की वह संस्था है जो देश की सुरक्षा,रक्षा और विदेश नीति से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण फैसले लेती है। परमाणु कार्यक्रम से लेकर क्षेत्रीय रणनीति तक, इस परिषद की भूमिका बेहद अहम होती है। ऐसे में मोहम्मद बगेर जोलघाद्र का चयन इस लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि उनकी पूरी पृष्ठभूमि सैन्य और सुरक्षा ढांचे से जुड़ी रही है। वह इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के वरिष्ठ कमांडर रह चुके हैं और उन्होंने न सिर्फ जमीनी स्तर पर बल्कि रणनीतिक स्तर पर भी कई अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं।
यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे संवेदनशील क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद अहम बने हुए हैं।
