'चीन-यूरोपीय यूनियन हैं रूस के तेल , LNG के सबसे बड़े खरीदार', मास्को से जयशंकर ने US को सुनाया खरी-खरी

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को कहा कि 2022 के बाद रूस के साथ सबसे ज्यादा कारोबार करने वाले हम नहीं हैं और न ही हम रूस से सबसे ज्यादा तेल खरीदते हैं। रूस से एलएनजी खरीदने के हम सबसे बड़े खरीदार भी नहीं हैं। रूस से सबसे ज्यादा तेल और एलएनजी खरीदने वाले क्रमश: चीन और यूरोपीय यूनियन हैं।

S Jaishankar: रूस से तेल खरीदे जाने पर लगे अमेरिकी टैरिफ पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को कहा कि 2022 के बाद रूस के साथ सबसे ज्यादा कारोबार करने वाले हम नहीं हैं और न ही हम रूस से सबसे ज्यादा तेल खरीदते हैं। रूस से एलएनजी खरीदने के हम सबसे बड़े खरीदार भी नहीं हैं। रूस से सबसे ज्यादा तेल और एलएनजी खरीदने वाले क्रमश: चीन और यूरोपीय यूनियन हैं।

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रूस की यात्रा पर हैं विदेश मंत्री एस जयशंकर। तस्वीर-MEA

US के कहने पर हमने रूस से तेल खरीदना शुरू किया-जयशंकर

मास्को में मीडिया से बातचीत में जयशंकर ने कहा, 'रूसी तेल के सबसे बड़े खरीदार हम नहीं बल्कि चीन है। हम रूस से सबसे ज्यादा LNG भी नहीं खरीदते हैं। रूस से सबसे ज्यादा एलएनजी यूरोपीय यूनियन खरीदता है। हम वह देश भी नहीं हैं जिसका 2022 के बाद रूस के साथ कारोबार सबसे ज्यादा बढ़ा है। मेरा मानना है कि दक्षिण में कुछ देश हैं। हम तो वह देश हैं जिससे अमेरिका ने पिछले कुछ सालों में कहा कि वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने के लिए हमें सब कुछ करना चाहिए। इसमें रूस से तेल खरीदना भी शामिल था। खास बात यह है कि हम अमेरिका से भी तेल खरीद रहे हैं और खरीद की यह मात्रा बढ़ी है। मीडिया जिस बात और दलील का हवाला दे रहा है, उसे लेकर हम बहुत परेशान हैं।'

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