Abbas Araghchi : युद्ध जारी रखने के लिए 200 अरब डॉलर की पेंटागन की मांग पर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तंज कसा है। X पर अपने पोस्ट में अराघची ने गुरुवार को कहा कि 'पसंद के इस युद्ध को लड़ते-लड़ते अभी तीन सप्ताह बीता है। यह युद्ध ईरानियों एवं अमेरिकी दोनों पर थोपा गया है। 200 अरब डॉलर की मांग अभी हिमखंड का एक छोटा अंश है। खरबों डॉलर के 'इजराइली फर्स्ट टैक्स' के लिए आम अमेरिकी नेतन्याहू और कांग्रेस में उनके समर्थकों को धन्यवाद दे सकते हैं। यह टैक्स अमेरिकी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने जा रहा है।'
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची।
रकम से ईरान के खिलाफ तेज होगा सैन्य अभियान
अराघची ने अपने इस पोस्ट के साथ वाशिंगटन पोस्ट की उस रिपोर्ट को भी शेयर किया है जिसमें कहा गया है कि ईरान युद्ध जारी रखने के लिए पेंटागन ने कथित रूप से व्हाइट हाउस से 200 अरब डॉलर जारी करने की मांग की है। कांग्रेस से मंजूरी मिलने पर यह रकम ईरान में अमेरिकी सैन्य अभियान को और तेज करेगी और युद्ध के लिए हथियार खरीदे जाएंगे। बता दें कि बीते 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमला किया। इस युद्ध के तीन सप्ताह बीत गए हैं।
ईरान युद्ध ने लिया नया मोड़
ऊर्जा संयंत्रों पर हमले के बाद इस युद्ध ने अब नया मोड़ ले लिया है।ईरानी सरकारी मीडिया ने बुधवार को बताया कि इजराइल ने दक्षिण पार्स प्राकृतिक गैस क्षेत्र पर हमला किया, जो देश के लिए एक महत्वपूर्ण ऊर्जा स्रोत है और असलुयेह के पास खाड़ी तट पर स्थित है। इस क्षेत्र से जुड़ी सुविधाओं में आग लगने की खबरें हैं, जो ईरान की लगभग 80% प्राकृतिक गैस की आपूर्ति करता है।
ईरान ने किया जवाबी हमला, निशाने पर कतर
साउथ पार्स हमले के कुछ ही घंटों के भीतर, ईरान ने खाड़ी में ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर जवाबी कार्रवाई की। कतर ने कहा कि ईरान द्वारा उसके क्षेत्र की ओर पांच बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं, जिनमें से एक ने रास लाफान औद्योगिक शहर को निशाना बनाया जो दुनिया का सबसे बड़ा द्रवीकृत प्राकृतिक गैस निर्यात टर्मिनल है। कतर के विदेश मंत्रालय ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि इससे आग लगी और दूतावास को काफी नुकसान हुआ। चार मिसाइलों को रोक दिया गया। कतर के विदेश मंत्रालय ने बुधवार शाम को लिखा कि उसने ईरानी दूतावास के सैन्य और सुरक्षा अटैचियों के साथ-साथ उनके कार्यालयों के कर्मचारियों को अवांछित व्यक्ति घोषित कर दिया है। मंत्रालय ने कहा कि उसने उनसे 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया है।
