ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते संघर्ष के बीच अमेरिका ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने दावा किया है कि एक सप्ताह के भीतर अमेरिका और इजराइल की वायु सेनाएं ईरान के आसमान पर पूरी तरह नियंत्रण स्थापित कर लेंगी।
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ (फोटो: एएनआई)
ईरान के एयरस्पेस को अपने नियंत्रण में ले लेंगी दुनिया की दो सबसे ताकतवर वायु सेनाएं
हेगसेथ ने कहा कि दुनिया की दो सबसे ताकतवर वायु सेनाएं मिलकर ईरान के एयरस्पेस को “अनकॉन्टेस्टेड” यानी बिना किसी चुनौती के अपने नियंत्रण में ले लेंगी। उन्होंने कहा कि इसके बाद अमेरिकी और इजराइली विमान दिन-रात लगातार उड़ान भरेंगे और ईरान की मिसाइल क्षमताओं, रक्षा उद्योग और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाएंगे। अमेरिकी रक्षा मंत्री के मुताबिक इस अभियान में ईरानी सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े ठिकानों और नेतृत्व को भी टारगेट किया जाएगा।
हेगसेथ ने कहा कि अमेरिकी और इजराइली विमान तेहरान समेत पूरे ईरान के ऊपर लगातार उड़ान भरेंगे,ताकि ईरानी नेतृत्व को साफ संदेश दिया जा सके कि आसमान पर पूरी तरह अमेरिकी-इजराइली ताकत का नियंत्रण है। उनके बयान के अनुसार, यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक अमेरिका और उसके सहयोगी इसे खत्म करने का फैसला नहीं कर लेते।
ईरानी मिसाइल हमलों में कमी का दावा
इस बीच, अमेरिका के शीर्ष सैन्य अधिकारियों का कहना है कि हाल के दिनों में ईरान की ओर से दागी जा रही बैलिस्टिक मिसाइलों की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट आई है।ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष ने बताया कि शनिवार के बाद से मिसाइल हमलों की संख्या लगभग 86 प्रतिशत तक घट गई है, जबकि पिछले 24 घंटों में इसमें करीब 23 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि ईरान के एकतरफा हमले वाले ड्रोन हमलों में भी शुरुआती दिनों की तुलना में करीब 73 प्रतिशत गिरावट आई है।
इजराइल ने बताया हमले की योजना पहले से तैयार थी
इस बीच इजराइल के रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ ने कहा कि ईरान के खिलाफ हमला मूल रूप से 2026 के मध्य में किया जाना था, लेकिन परिस्थितियों में बदलाव के कारण इसे पहले अंजाम दिया गया।
उनके कार्यालय के अनुसार, ईरान के अंदर की स्थिति, अमेरिका के राष्ट्रपति का रुख और संयुक्त अभियान की संभावना जैसे कारकों के चलते ऑपरेशन को आगे बढ़ाया गया।
