US To Send 1000 Troops: अमेरिकी सेना मध्य पूर्व में 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के लगभग 1,000 सैनिकों को तैनात करने की तैयारी कर रही है। इस योजना की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने एसोसिएटेड प्रेस को यह जानकारी दी। सूत्र ने बताया कि सैनिकों को आने वाले दिनों में भेजा जाएगा। इस यूनिट को सेना की आपातकालीन प्रतिक्रिया बल माना जाता है और इसे आमतौर पर कम समय में तैनात किया जा सकता है।
मध्य पूर्व में 1000 सैनिक भेजेगा अमेरिका
फर्स्ट ब्रिगेड कॉम्बैट टीम की बटालियन पहुंचेगी
सूत्र के अनुसार, इस फोर्स में फर्स्ट ब्रिगेड कॉम्बैट टीम की एक बटालियन के साथ-साथ डिवीजन के कमांडर मेजर जनरल ब्रैंडन टेग्टमेयर और डिवीजन के कर्मचारी शामिल होंगे। सूत्र ने सैन्य योजनाओं की संवेदनशीलता पर चर्चा करने के लिए नाम न छापने की शर्त पर यह जानकारी दी। अमेरिकी अधिकारियों द्वारा पिछले सप्ताह यह घोषणा करने के बाद कि नौसेना के कई जहाजों पर सवार हजारों मरीन सैनिक इस क्षेत्र में भेजे जाएंगे, यह अमेरिकी सैनिकों की नवीनतम तैनाती है।
जहां मरीन यूनिट्स अमेरिकी दूतावासों की सहायता, नागरिकों को निकालने और आपदा राहत जैसे अभियानों में प्रशिक्षित होती हैं, वहीं 82वीं एयरबोर्न के सैनिक महत्वपूर्ण क्षेत्रों और हवाई अड्डों को सुरक्षित करने के लिए विवादित क्षेत्रों में पैराशूट से उतरने के लिए प्रशिक्षित होते हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स ने पहले ही इस तैनाती पर विचार किए जाने की खबर दी थी।
ट्रंप ने किया जीत का दावा
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान युद्ध में जीत का दावा किया है। ट्रंप ने कहा कि वह इस युद्ध को जीत चुके हैं क्योंकि ईरान की नौसेना एवं वायु सेना पूरी तरह से खत्म की जा चुकी है। होमलैंड सेक्युरिटी सचिव के शपथ ग्रहण समारोह में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि 'इस वक्त ईरान के साथ हमारी बातचीत हो रही है। मैं आपको बता सकता हूं कि वे एक डील करना चाहेंगे। ईरान की जगह कोई और होता तो भी वह वही करता। उनकी नौसेना खत्म हो गई है, उनकी वायु सेना अब नहीं है। संचार के उनके सभी साधन खत्म हो गए हैं। उनके पास जो कुछ भी था वह सभी खत्म हो गया है।'
हम इस युद्ध को जीत चुके हैं-ट्रंप
ईरान के साथ शांति वार्ता को लेकर उन्हें कितनी उम्मीद है, इस सवाल पर ट्रंप ने कहा कि ' मैं यह निश्चित रूप से आपको नहीं बता सकता लेकिन हम इसे खत्म करने जा रहे हैं। हम इस युद्ध को जीत चुके हैं। हमारे फाइटर प्लेन तेहरान एवं ईरान के अन्य शहरों के ऊपर से उड़ सकते हैं। ईरान इन्हें रोकने के लिए कुछ नहीं कर सकता। यदि हम किसी बिजली संयंत्र को निशाना बनाना चाहें तो वे कुछ नहीं कर सकते। वे पूरी तरह से हार चुके हैं। सैन्य रूप से वे मृत हो चुके हैं।' ट्रंप ने आगे कहा कि ईरान आगे कोई न्यूक्लियर हथियार नहीं रखेगा।
