Gulf of America : राष्ट्रपति बनने के बाद डोनाल्ड ट्रंप लगातार कड़े फैसले ले रहे हैं। टैरिफ, अवैध अप्रवासी, विदेशी फंडिंग और जन्म लेते ही नागरिकता जैसे मुद्दों पर वह बड़े फैसले ले चुके हैं। इसी कड़ी में उन्होंने गल्फ ऑफ मैक्सिको का नाम बदलकर गल्फ ऑफ अमेरिका करने वाले अपने फैसले पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। हस्ताक्षर होने के बाद यह क्षेत्र अब कानूनी रूप से गल्फ ऑफ अमेरिका के नाम से जाना जाएगा। खास बात यह है कि ट्रंप ने इस फैसले वाली फाइल पर उस वक्त हस्ताक्षर किए जब एयर फोर्स वन गल्फ ऑफ मैक्सिको के ऊपर से गुजर रहा था। ट्रंप सुपर बाउल 59 के लिए न्यू ऑरलियंस जा रहे थे।
एयर फोर्स वन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप।
गूगल मैप्स ने कहा है कि यूएस जियोग्राफिक नेम्स सिस्टम में नया नाम दर्ज हो जाने के बाद वह गल्फ ऑफ मैक्सिको का नाम बदलकर गल्फ ऑफ अमेरिका कर देगा। यह बदलाव अमेरिका में दिखेगा लेकिन मैक्सिको में यह गल्फ ऑफ मैक्सिको दिखेगा। इन दोनों देशों के बाहर लोग दोनों नाम देख सकेंगे।
तीन देशों के बीच स्थित है यह खाड़ी
अमेरिका के दक्षिण तटवर्ती इलाकों टेक्सास, लुईसियाना, मिसिसिपी, अलबामा और फ्लोरिडा से लगे समुद्र के इस विस्तृत भाग को गल्फ ऑफ मैक्सिको के नाम से जाना जाता है। अलास्का के आकार का यह क्षेत्र 615,000 वर्ग मील से अधिक क्षेत्र में फैला है। यह खाड़ी मुख्य रूप से तीन देशों मैक्सिको, अमेरिका और क्यूबा के बीच स्थित है।
नाम बदलने से इतिहास नहीं बदलेगा-मैक्सिको
गत 20 जनवरी को राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप ने अमेरिका के सबसे ऊंची पर्वत चोटी 'डेनाली' का नाम बदलकर 'माउंट मैकिनली' रखने का भी आदेश दिया था। ट्रंप का यह कदम 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' की भावना का प्रदर्शित करने वाला बताया जा रहा है। हालांकि, ट्रंप के इस फैसले मैक्सिको में काफी मजाक उड़ाया गया। सोशल मीडिया पर मैक्सिको के लोगों ने कहा कि नाम बदलने से इतिहास नहीं बदल जाएगा।
