अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि उन्हें अमेरिकी नौसेना से जानकारी मिली है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र से सभी बारूदी सुरंगें (माइन्स) हटा दी गई हैं या नष्ट कर दी गई हैं। साथ ही, उन्होंने ईरान को चेतावनी दी कि अगर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में नई बारूदी सुरंगें बिछाने की कोई भी कोशिश की गई, तो अमेरिका तुरंत सैन्य कार्रवाई करेगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप (फाइल फोटो)
'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि ईरान को बता दिया गया है कि इस अहम जलमार्ग में नई बारूदी सुरंगें बिछाने में शामिल किसी भी जहाज को 'तुरंत और पूरी तरह से नष्ट' कर दिया जाएगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि वाशिंगटन इस जलडमरूमध्य पर कड़ी नजर रख रहा है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी स्पेस फोर्स इस जलमार्ग के 'हर इंच' पर नजर रख रही है और अमेरिका 'पिकएक्स माउंटेन' (Pickaxe Mountain) तथा ईरान के तीन अन्य परमाणु स्थलों पर भी नजर रख रहा है जिन्हें पहले ही नष्ट किया जा चुका है।
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पोस्ट में लिखा था, 'मुझे अभी अमेरिकी नौसेना से जानकारी मिली है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र से सभी बारूदी सुरंगें हटा दी गई हैं या नष्ट कर दी गई हैं। ईरान को बता दिया गया है कि नई बारूदी सुरंगें बिछाने वाले किसी भी जहाज या नाव को तुरंत और पूरी तरह से नष्ट कर दिया जाएगा। स्पेस फोर्स के ज़रिए हम इस जलडमरूमध्य के हर इंच पर नज़र रख रहे हैं, ठीक वैसे ही जैसे हम 'पिकएक्स माउंटेन' और पहले ही नष्ट किए जा चुके तीन अन्य परमाणु स्थलों पर नज़र रख रहे हैं। बारूदी सुरंगें बिछाने के मामले में 'जीरो टॉलरेंस' (सख्त कार्रवाई) की नीति पूरी तरह से लागू है। इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद!'
'ईरान गंभीर आर्थिक और मानवीय संकट का सामना कर रहा है'
ईरान पर बढ़ते दबाव के बीच ट्रंप का यह ताजा बयान आया है; उनका प्रशासन तेहरान के खिलाफ आर्थिक और सैन्य, दोनों तरह के कदम उठा रहा है। इससे पहले दिन में, ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान गंभीर आर्थिक और मानवीय संकट का सामना कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस्लामिक रिपब्लिक अपनी सेना के 'बड़े हिस्से' को वेतन देने में असमर्थ है और साथ ही ईरानी अधिकारियों पर प्रदर्शनकारियों की हत्या करने का आरोप भी लगाया।
'यह बहुत बड़े पैमाने का मानवीय संकट है'
ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर एक अलग पोस्ट में कहा, 'विफल हो रहा इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान अपनी सेना के बड़े हिस्से को वेतन नहीं दे रहा है, जबकि साथ ही प्रदर्शनकारियों की हत्या कर रहा है - तब भी जब वे प्रदर्शन नहीं कर रहे होते - और यह हत्याएं ऐसे स्तर पर हो रही हैं जो पहले कभी नहीं देखी गईं। यह बहुत बड़े पैमाने का मानवीय संकट है और इसे अभी रोका जाना चाहिए।'
'ईरान 'पूरी तरह से ढह रहा है'
उन्होंने पहले दावा किया था कि ईरान 'पूरी तरह से ढह रहा है' और देश को 'आर्थिक और सैन्य बर्बादी के चक्र' (death spiral) में फंसा हुआ बताया था।ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब वाशिंगटन ने तेहरान के खिलाफ अपना आर्थिक दबाव अभियान तेज़ कर दिया है। अमेरिकी ट्रेज़री सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' शुरू करने का ऐलान किया। उन्होंने इसे दुनिया भर में ईरान के फाइनेंशियल कनेक्शन तोड़ने और उन इनकम सोर्स पर रोक लगाने की कोशिश बताया, जिनसे वॉशिंगटन के मुताबिक ईरानी सरकार को मदद मिलती है।
बेसेंट ने कहा, 'अमेरिकी ट्रेज़री डिपार्टमेंट ने इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान और उसके पड़ोसियों के ख़िलाफ़ 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' नाम का एक अभूतपूर्व अभियान शुरू किया है।'उन्होंने आगे कहा, 'हमारा मकसद उस हर आर्थिक लाइफलाइन को तोड़ना है जो इस ज़ालिम शासन को बनाए रखती है।'
बेसेंट ने कहा कि अमेरिकी अधिकारियों ने उन नेटवर्क की पहचान की है जिनका इस्तेमाल ईरान कथित तौर पर तेल की आवाजाही और प्रतिबंधों से बचने के लिए करता है। ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने ईरान से जुड़ी उन गतिविधियों की कैटेगरी का भी विस्तार किया है जिन पर प्रतिबंध लग सकते हैं; इनमें डिजिटल एसेट, टेक्नोलॉजी और शिपिंग से जुड़ी गतिविधियां शामिल हैं।
ट्रेज़री सेक्रेटरी ने कहा कि तेहरान के सामने अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ने या ग्लोबल इकॉनमी में लौटने में से किसी एक को चुनने का विकल्प है।बेसेंट ने कहा, 'ईरान के सामने अब एक साफ़ विकल्प है और उनके पास सिर्फ़ दो रास्ते हैं: पूरी तरह से ग्लोबल स्तर पर अलग-थलग पड़ना और गुज़ारे लायक इकॉनमी, या फिर सामान्य स्थिति की ओर बढ़ना और ग्लोबल इकॉनमी में फिर से शामिल होने का मौका पाना।'
