पश्चिमी एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच ईरान के उत्तरी क्षेत्र में सोमवार तड़के एक पेट्रोकेमिकल संयंत्र पर हमला किया गया। ईरानी मीडिया के अनुसार देश के उत्तरी प्रांत में तबरीज पेट्रोकेमिकल की यूनिट को निशाना बनाया गया लेकिन राहत की बात यह है कि हमले के बाद किसी तरह के खतरनाक पदार्थ के रिसाव की सूचना नहीं है। यह कंपनी कच्चे तेल या प्राकृतिक गैस को संसाधित कर उन्हें रासायनिक उत्पादों में बदलती है, जिनका इस्तेमाल प्लास्टिक और अन्य रसायन बनाने में होता है। इससे पहले ईरान ने भी अमेरिका के मित्र देशों के कई संयंत्रों को निशाने पर लिया।
ईरान युद्ध हुआ तेज
हमले के बाद संयंत्र में स्थिति नियंत्रण में
प्रेस टीवी ने ईरानी अधिकारियों के हवाले से बताया कि हमले के बाद संयंत्र में स्थिति नियंत्रण में है। यह घटनाक्रम ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) द्वारा शनिवार को जारी एक बयान के बाद सामने आया है, जिसमें उसने संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन में स्थित एल्युमीनियम संयंत्रों सहित क्षेत्र की प्रमुख औद्योगिक सुविधाओं को निशाना बनाने की जिम्मेदारी ली थी। यह जानकारी ईरानी सरकारी मीडिया, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) ने दी थी।
अपने बयान में आईआरजीसी ने कहा कि उसके एयरोस्पेस और नौसेना बलों ने मिसाइलों और ड्रोनों का उपयोग करते हुए एक संयुक्त और लक्षित अभियान चलाया, जिसमें उसने उन उद्योगों को निशाना बनाया जो अमेरिकी सैन्य और एयरोस्पेस क्षेत्र से जुड़े हैं। जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया उनमें संयुक्त अरब अमीरात में स्थित अमीरात ग्लोबल एल्युमिनियम (EMAL) सुविधा और बहरीन में स्थित एल्युमिनियम बहरीन (Alba) शामिल थे।
यूएई और बहरीन के प्लांट पर हमला
आईआरजीआईबी की ओर से एक बयान में कहा गया है, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के एयरोस्पेस और नौसेना बलों के लड़ाकों ने एक संयुक्त और लक्षित अभियान में अमेरिकी सैन्य और एयरोस्पेस उद्योगों से संबद्ध दो उद्योगों, जिनमें अमीरात में अमल एल्युमीनियम फैक्ट्री और बहरीन में अल्बा एल्युमीनियम फैक्ट्री को मिसाइलों और ड्रोनों से प्रभावी ढंग से निशाना बनाया।
आईआरजीसी ने आरोप लगाया कि ये सुविधाएं अमेरिकी रक्षा उत्पादन से जुड़ी हैं और अमेरिकी सैन्य उद्योगों को समर्थन देने में भूमिका निभाती हैं। बयान में आगे कहा गया है कि ये हमले ईरान के औद्योगिक बुनियादी ढांचे पर "अमेरिकी-जायोनी" ताकतों द्वारा किए गए हमलों के जवाब में किए गए थे। बयान में यह भी चेतावनी दी गई है कि ईरान की जवाबी कार्रवाई किसी भी स्तर की आक्रामकता से परे होगी। यह घटना पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच हुई है, जहां क्षेत्र के कई देशों में रणनीतिक बुनियादी ढांचे पर हमलों की खबरें बढ़ रही हैं।
क्या ऊर्जा संयंत्रों पर हमले का दौर शुरू?
इसके साथ ही कयास लगने शुरू हो गए हैं कि अब दोनों पक्षों की ओर से ऊर्जा संयंत्रों पर हमले का दौर शुरू हो गया है। बता दें कि ट्रंप ने इस तरह के हमलों की चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि अगर ईरान होर्मुज को मुक्त नहीं करता तो उसके ऊर्जा संयंत्रों को निशाना बनाया जाएगा। जवाब में ईरान ने कहा था कि अगर ऐसा हुआ तो वह पड़ोसी देशों के बिजली और जल संयंत्रों को निशाना बनाएगा। हालांकि, बाद में ट्रंप ने यह कहकर हमलों को टाल दिया था कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की कोशिशें हो रही हैं।
