अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने बुधवार को कतर में अलग-अलग मध्यस्थों के जरिए बातचीत की। कतर ने कहा कि बातचीत में सकारात्मक प्रगति हुई है और दोनों पक्ष आगे भी चर्चा जारी रखने पर सहमत हुए हैं। अगली बैठक ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद जल्द ही आयोजित की जाएगी।
ईरान-अमेरिका वार्ता में सकारात्मक प्रगति, कतर में मध्यस्थों के साथ हुई बातचीत
कतर में मध्यस्थों के जरिए हुई बातचीत
कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने बताया कि अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों ने कतर और पाकिस्तान के मध्यस्थों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। अमेरिका की ओर से मध्य-पूर्व के दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर इस बातचीत के लिए कतर पहुंचे हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी पुष्टि की है कि अमेरिका ईरान के परमाणु मुद्दे को लेकर चिंतित है और जल्द ही इस पर भी बातचीत शुरू होगी। वहीं ईरान की तरफ से उनके शीर्ष वार्ताकार काजेम गरीबाबादी बातचीत की कमान संभाल रहे हैं। गरीबाबादी ने स्पष्ट किया कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिकी पक्ष के साथ कोई सीधी वार्ता नहीं की है, बल्कि मध्यस्थों के जरिए लेबनान और ईरान की फ्रीज (जब्त) संपत्तियों को वापस पाने पर चर्चा हुई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य बना सबसे बड़ा विवाद
अमेरिका और ईरान के शीर्ष नेताओं के बीच एक अंतिम समझौते का रास्ता साफ करने के लिए वार्ता जारी है, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य और लेबनान के मुद्दे पर गहरे मतभेद बने हुए हैं। दोनों देशों के बीच हुए अंतरिम समझौते के तहत जहाजों को होर्मुज स्ट्रैट से 60 दिनों तक बिना किसी शुल्क के गुजरने देने पर सहमति बनी थी। लेकिन अब ईरान चाहता है कि इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाज उसके द्वारा तय किए गए रूट का पालन करें और भविष्य में शुल्क भी दें। वहीं अमेरिका और कई खाड़ी देश इस टैक्स को देने के खिलाफ हैं।
इसी बीच ईरान के सरकारी मीडिया ने दावा किया कि एक विदेशी कंटेनर जहाज होर्मुज स्ट्रैट में गलत मार्ग अपनाने के कारण उथले पानी में फंस गया। ईरान ने दावा किया कि जहाज ने उसके द्वारा स्वीकृत रूट (Route of Authority) का इस्तेमाल नहीं किया था। ईरान का कहना है कि जहाजों को उसके अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के निर्देशों का पालन करना चाहिए।
लेबनान का मुद्दा भी बातचीत में शामिल
सूत्रों के मुताबिक, समझौते की राह में लेबनान दूसरा सबसे पेचीदा मुद्दा बना हुआ है। ईरान चाहता है कि इजरायली सेना और ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के बीच लेबनान में जारी संघर्ष तुरंत खत्म हो। साथ ही इजरायल दक्षिणी लेबनान में कब्जाई गई जमीन को खाली करे। दूसरी ओर इजरायल का कहना है कि वह इस क्षेत्र पर अपना नियंत्रण बनाए रखना चाहता है और उत्तरी इजरायल पर हमले करने वाले हिजबुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई की पूरी स्वतंत्रता चाहता है।
होर्मुज से जहाजों की आवाजाही धीरे-धीरे सामान्य
हाल के तनाव के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई थी। हालांकि अब कई देशों ने बताया है कि उनके अधिकांश जहाज सुरक्षित रूप से इस मार्ग से निकल चुके हैं। थाईलैंड और दक्षिण कोरिया ने भी अपने जहाजों के सुरक्षित निकलने की पुष्टि की है।
अरब सागर में अमेरिकी नौसेना का हेलीकॉप्टर आपात लैंडिंग
वार्ता के बीच बुधवार को एक बड़ी घटना सामने आई। अमेरिकी नौसेना का एक MH-60S सी हॉक हेलीकॉप्टर अरब सागर में इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान हादसे का शिकार हो गया। हेलीकॉप्टर में सवार चार कर्मियों में से तीन को सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन एक सदस्य अब भी लापता है। अमेरिकी नौसेना ने कहा कि प्रारंभिक जांच में किसी दुश्मन के हमले के संकेत नहीं मिले हैं।
