Michael Rubin MEF Pakistan US Iran Talks: अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता में पाकिस्तान की मध्यस्थता की भूमिका को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। वॉशिंगटन डीसी में 'मिडिल ईस्ट फोरम' (MEF) के पॉलिसी एनालिसिस डायरेक्टर डॉ. माइकल रूबिन ने पाकिस्तान की नीयत और उसके इतिहास पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। डॉ. रूबिन ने साफ तौर पर कहा कि पाकिस्तान भले ही ऊपर से मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, लेकिन पर्दे के पीछे से वह हमेशा यह सुनिश्चित करेगा कि अमेरिका और ईरान के बीच कभी कोई अंतिम समझौता न हो पाए, ताकि क्षेत्र में हमेशा अराजकता बनी रहे और वह इसका फायदा उठाता रहे।
'सुरक्षा के नाम पर वसूली करता है पाकिस्तान'; अमेरिका-ईरान शांति वार्ता में मध्यस्थता पर भड़के एक्सपर्ट (ANI)
पाकिस्तान की कूटनीति पर तंज कसते हुए डॉ. रूबिन ने कहा कि कोई न कोई एक दिन इस बात पर किताब लिखेगा कि कैसे पाकिस्तान ने हमेशा 'मिट्टी को सोना' बनाने का काम किया है। उन्होंने पाकिस्तान की रणनीति को बेनकाब करते हुए कहा, 'पाकिस्तान अरबों डॉलर जीतने, वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक प्रतिष्ठा हासिल करने और खुद को एक प्रमुख मध्यस्थ के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। असल में वह उस समस्या को सुलझाने का नाटक कर रहा है, जिसे पैदा करने में उसने खुद मदद की थी। पाकिस्तान को गले लगाने के बजाय उसकी खिंचाई की जानी चाहिए थी। उन्होंने पहले तालिबान को बढ़ावा दिया और फिर उसी से फायदा उठाया। भारत और अमेरिका के खिलाफ आतंकवाद को प्रायोजित करने के बावजूद उन्हें इसकी सजा मिलने के बजाय पुरस्कृत किया जा रहा है।'
डोनाल्ड ट्रंप और असीम मुनीर की मुलाकातों पर उठाए सवाल
डॉ. माइकल रूबिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की विदेश नीति की आलोचना करते हुए कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान को एक प्रमुख कूटनीतिक स्थान पर रख दिया है। उन्होंने पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को व्हाइट हाउस के दौरों और मार-ए-लागो (Mar-a-Lago) में लंच देकर पुरस्कृत किया है। रूबिन ने याद दिलाया कि असलियत यह है कि पाकिस्तान ने ओसमान बिन लादेन को शरण दी थी। दुनिया में शायद ही कोई ऐसी सरकार होगी जिसके हाथों पर पाकिस्तान से ज्यादा खून लगा हो, और फिर भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय किसी न किसी तरह उसे इनाम देता रहता है।
'सिक्योरिटी एक्सटॉर्शन' का धंधा
पाकिस्तानी हुकूमत की मंशा पर बड़ा दावा करते हुए डॉ. रूबिन ने कहा कि पाकिस्तान इस क्षेत्र में हमेशा अस्थिरता देखना चाहता है क्योंकि वह 'सुरक्षा जबरन वसूली'के धंधे में लगा हुआ है। 'जब तक पाकिस्तान अपने क्षेत्र के भीतर आग लगा सकता है, तब तक उसका मानना है कि वह दुनिया से फंड बटोरना जारी रख सकता है। वे नहीं चाहते कि अरबों डॉलर की यह मलाईदार ट्रेन कभी बंद हो। यही वजह है कि वे पर्दे के पीछे से यह सुनिश्चित करेंगे कि शांति वार्ता कभी सफल न हो और हमेशा इतना कबाड़ और अराजकता बनी रहे जिससे उनका फायदा होता रहे।'
