US Iran Peace Deal Threat: अमेरिका और ईरान के बीच महीनों से जारी युद्ध के थमने और ऐतिहासिक शांति समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर होने के अभी दो दिन भी पूरे नहीं हुए हैं, लेकिन दोनों देशों के बीच शह-मात का खेल और खुलेआम धमकियों का दौर फिर से शुरू हो गया है। ईरान के शीर्ष वार्ताकार और संसद अध्यक्ष (पार्लियामेंट स्पीकर) मोहम्मद बाघर गालिबाफ ने वाशिंगटन को सीधे शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका या उसके सहयोगियों ने किसी भी तरह की बदमाशी की, समझौते की शर्तों का उल्लंघन किया या बातचीत के दौरान अतिरिक्त मांगें थोपने की कोशिश की, तो तेहरान इसका करारा और विनाशकारी जवाब देगा।
समझौता हुए 2 दिन भी नहीं बीते और शुरू हुई दो टूक चेतावनी...ईरान की अमेरिका को धमकी- 'अगर धोखा दिया तो...' (AP)
सोशल मीडिया पर गालिबाफ की दहाड़
ईरानी संसद अध्यक्ष गालिबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक बेहद कड़ा पोस्ट साझा करते हुए लिखा, 'हम अपने सुप्रीम लीडर (आयतोल्या मोजताबा खामेनेई) के आदेश पर काम कर रहे हैं। हमारा काम समझौते की शर्तों और धाराओं को पूरी तरह लागू करवाना है। लेकिन अगर विरोधी पक्ष (अमेरिका) ने बदनीयती दिखाई, वादाखिलाफी की या अपनी हद से ज्यादा मांगें रखीं, तो हम दुश्मन को करारा जवाब देने में जरा भी संकोच नहीं करेंगे।'
गालिबाफ ने अतीत के युद्ध का जिक्र करते हुए अमेरिका पर तीखा तंज कसा और कहा, 'उन्हें (अमेरिका को) युद्ध के दौरान पहले भी एक बार तमाचा लग चुका है; अगर वे फिर से उसी रास्ते पर चलने की हिमाकत करेंगे, तो इस बार उन्हें पहले से भी ज़्यादा करारा तमाचा रसीद किया जाएगा।'
सुप्रीम लीडर खामेनेई ने भी चेताया
इससे पहले ईरान के नए सुप्रीम लीडर आयतोल्या मोजताबा खामेनेई ने भी देश को संबोधित करते हुए अमेरिका को कड़ा संदेश दिया था। उन्होंने साफ किया कि आने वाले दिनों में होने वाली आमने-सामने की वार्ताओं को अमेरिका के आगे घुटने टेकने के रूप में न देखा जाए। खामेनेई ने कहा, 'यह पूरी तरह से स्पष्ट होना चाहिए कि भविष्य में होने वाली इन-पर्सन बातचीत का मतलब यह कतई नहीं है कि ईरान दुश्मन के रुख या उसकी शर्तों को स्वीकार कर रहा है। अगर वाशिंगटन अपनी नाजायज मांगें बढ़ाएगा, तो ईरान कभी उनके आगे नहीं झुकेगा।'
वाइट हाउस से जेडी वेंस ने किया पलटवार
ईरान की इन धमकियों के बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने वाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए साफ किया कि औपचारिक बातचीत की 60 दिनों की समयसीमा आधिकारिक तौर पर 18 जून से शुरू हो चुकी है। यह वह अवधि है जिसमें दोनों देशों को इस अंतरिम समझौते को एक स्थायी और व्यापक संधि में बदलना है, जिसके तहत प्रतिबंधों, परमाणु सीमाओं, मिसाइल क्षमताओं और क्षेत्रीय सुरक्षा पर अंतिम मुहर लगनी है।
ईरान की मिसाइल ताकत को लेकर उपराष्ट्रपति वेंस ने दावा किया कि अमेरिका ने इस युद्ध में ईरान को बड़ा सैन्य नुकसान पहुंचाया है। वेंस ने कहा, 'हमने ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों और उनके मिसाइल लॉन्चर्स के एक बहुत बड़े हिस्से को पूरी तरह से तबाह कर दिया है। अब किसी भी अंतिम समझौते में हम यह सुनिश्चित करेंगे कि ईरान ऐसे मिसाइल न बना पाए जिससे इस क्षेत्र से बाहर के देशों (जैसे अमेरिका या यूरोपीय देशों) को कोई खतरा हो।'
