US Iran Crisis: पश्चिम एशिया में एक बार फिर हालात बिगड़ने की आशंका है। दरअसल, ईरान ने दावा किया है कि उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की कोशिश कर रहे एक तेल टैंकर को निशाना बनाया है। ईरानी सरकारी प्रसारक के मुताबिक, रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने टोगो के झंडे वाले तेल टैंकर ‘Trend’ पर गुरुवार रात हमला किया। ईरान ने आरोप लगाया कि टैंकर बिना इजाजत के स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की कोशिश कर रहा था। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
US-Iran Crisis: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान का बड़ा दावा, तेल टैंकर पर किया हमला। (AI-Generated Image)
बिना अनुमति गुजरने वाले जहाजों पर कार्रवाई: ईरान
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की नौसेना ने कथित तौर पर चेतावनी दी है कि बिना अनुमति स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की कोशिश करने वाले जहाजों को गंभीर कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। अमेरिका और इजरायल के साथ 28 फरवरी से शुरू हुए युद्ध के बाद से तेहरान ने इस महत्वपूर्ण जलमार्ग के बड़े हिस्से पर अपना नियंत्रण होने का दावा किया है।
इस बीच, ब्रिटेन की यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने बताया कि बुधवार को एक अन्य टैंकर स्ट्रेट से बाहर निकलते समय एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल की चपेट में आया। घटना में चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित बताए गए।
होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर बढ़ा दबाव
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के प्रमुख तेल और गैस शिपिंग मार्गों में से एक है। यहां ईरान की ओर से हमले और चेतावनियों के चलते खाड़ी क्षेत्र से होने वाली ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस इलाके में शिपिंग कंपनियां पहले से ही सुरक्षा को लेकर सतर्क हैं।
तेहरान में सड़कों पर उतरे सैकड़ों हजार लोग
इसी बीच ईरान की राजधानी तेहरान में शुक्रवार को सैकड़ों हजार लोगों ने सरकार समर्थित रैली में हिस्सा लिया। यह फरवरी में युद्ध शुरू होने के बाद ईरान में सरकार के समर्थन में हुई सबसे बड़ी रैलियों में से एक थी।
रैली में लोगों ने देश की रक्षा के लिए हथियार उठाने की तैयारी जताई। ईरानी सरकार ने इसे ‘Janfaday-e Iran’ अभियान के तहत आयोजित किया था। सरकारी प्रसारक के अनुसार, 6 लाख से अधिक लोगों ने सैन्य प्रशिक्षण के लिए पंजीकरण कराया है।
दक्षिण कोरिया भी शिपिंग सुरक्षा बढ़ाएगा
दूसरी ओर दक्षिण कोरिया ने कहा है कि वह खाड़ी क्षेत्र में अपने नौसैनिक अभियान का विस्तार करने पर विचार कर रहा है। राष्ट्रपति ली जे-म्युंग के मुताबिक, इसका उद्देश्य दक्षिण कोरियाई जहाजों और तेल आपूर्ति मार्गों की सुरक्षा करना है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि दक्षिण कोरिया ऐसा कोई कदम नहीं उठाएगा जिससे वह अमेरिका-ईरान युद्ध में सीधे शामिल हो।
