अमेरिका ने ईरान के खिलाफ एक और बड़ी सैन्य कार्रवाई की है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों के खिलाफ हमलों की एक बड़ी लहर को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। यह सैन्य कार्रवाई 1 सितंबर (स्थानीय समय) को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कई प्रमुख रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाकर की गई। वहीं दूसरी ओर, ईरानी मीडिया ने दावा किया कि जॉर्डन और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और सुसाइड ड्रोन से बड़ा जवाबी हमला किया गया है।
अमेरिका ने ईरान में IRGC के सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना (PC- US CENTCOM)
किन ठिकानों को बनाया गया निशाना?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी और स्ट्राइक का एक वीडियो जारी करते हुए बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के अहम ठिकानों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है:
- एयर डिफेंस साइट्स (Air Defense Sites)
- रडार सिस्टम (Radar Systems)
- समुद्री संसाधन और सुविधाएं (Maritime Assets and Facilities)
- बारूदी सुरंग बिछाने की क्षमता (Mine Laying capabilities)
- सैन्य संचार और नियंत्रण केंद्र (Communications Sites)
अमेरिकी सेना ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई IRGC की ओर से हाल ही में 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) में कमर्शियल जहाजों पर किए गए हमलों के प्रयासों और क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सेवा सदस्यों (Service Members) को निशाना बनाने की कोशिशों के जवाब में की गई है।
मिडिल ईस्ट में 50,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक तैनात
CENTCOM ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि इस समय पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में 50,000 से अधिक अमेरिकी सैन्यकर्मी तैनात हैं। अमेरिकी सेना पूरी तरह सतर्क, घातक और अपने 'कमांडर इन चीफ' (अमेरिकी राष्ट्रपति) के निर्देश पर आगे के अभियानों को अंजाम देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
ईरान का गंभीर आरोप- शादी समारोह पर गिरी मिसाइल
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने आरोप लगाया कि अमेरिकी हमलों ने सिरिक का एक रिहायशी मकान को निशाना बनाया, जहां एक शादी का जश्न मनाया जा रहा था। प्रवक्ता के अनुसार, इस हमले में 50 से अधिक निर्दोष पुरुष, महिलाएं और बच्चे मारे गए या गंभीर रूप से घायल हुए हैं। बगाई ने इस हमले को "बर्बर अपराध" करार देते हुए कहा कि ईरान इसका मुंहतोड़ जवाब देगा। उन्होंने कहा, "जो आज इस पर खामोश हैं, वे कल इसके परिणामों से बच नहीं पाएंगे। अन्याय की अनदेखी करना अपराधियों के हौसले बढ़ाता है।"
ईरान ने अमेरिका के ठिकानों पर जवाबी हमले का दावा किया
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने दावा किया कि अमेरिकी हमलों के जवाब में IRGC की एयरोस्पेस फोर्स ने जॉर्डन स्थित प्रिंस हसन एयर बेस पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया। ईरानी दावे के मुताबिक, हमले में अमेरिकी बेस पर मौजूद RQ-4 और MQ-9 ड्रोन हैंगर्स को निशाना बनाया गया। जिसमें कई अमेरिकी ड्रोन नष्ट हुए हैं और कई अमेरिकी पायलट व क्रू मेंबर्स मारे गए हैं।
जॉर्डन और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर हमला
IRNA ने यह भी दावा किया कि ईरानी सेना ने बहरीन के शेख ईसा एयर बेस पर अमेरिकी सैन्य बलों के रडार प्रतिष्ठानों और उनके जमावड़े वाले स्थानों को विनाशकारी ड्रोन की भारी बौछारों से निशाना बनाया।। ईरानी मीडिया के अनुसार, यह बेस हेलीकॉप्टर और ड्रोन से जुड़े रखरखाव एवं मरम्मत कार्यों के साथ-साथ निगरानी विमानों के लिए भी इस्तेमाल होता है। इसके अलावा, IRGC के हवाले से ईरानी मीडिया ने जॉर्डन में अमेरिकी मरीन बेस कैंप टिटिन पर भी बैलिस्टिक मिसालइलें दागी गईं और अमेरिकी सैनिकों के हताहत होने का दावा किया है।
खाड़ी देशों में रेड अलर्ट
जॉर्डन की सेना ने बताया कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की 13 बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। कुवैत न्यूज एजेंसी के अनुसार, कुवैत का एयर डिफेंस सिस्टम ईरानी ड्रोन हमलों का मुकाबला कर रहा है। बहरीन के गृह मंत्रालय ने भी संभावित खतरे को देखते हुए हाई अलर्ट जारी किया है और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने व केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
