US Air Force B-52 Bomber Crash: अमेरिका के दक्षिणी कैलिफोर्निया स्थित एडवर्ड्स एयर फोर्स बेस (Edwards Air Force Base) से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद अमेरिकी वायुसेना का एक 'B-52 स्ट्रेटोफोर्ट्रेस' (B-52 Stratofortress) रणनीतिक बॉम्बर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। स्थानीय समयानुसार सोमवार सुबह 11:20 बजे (19:20 GMT) एक नियमित परीक्षण उड़ान के दौरान हुआ यह हादसा बेहद दर्दनाक रहा। विमान के जमीन पर गिरते ही आसमान में मील दूर तक दिखाई देने वाला काले धुएं का एक विशाल गुबार उठ खड़ा हुआ। वायुसेना के अधिकारियों के अनुसार, हादसे के तुरंत बाद आपातकालीन दल मौके पर पहुंचे, लेकिन शुरुआती जांच में ही स्पष्ट हो गया कि इस भीषण क्रैश में कोई भी जीवित नहीं बचा।
अमेरिका में महाविनाशक B-52 बॉम्बर क्रैश, 8 लोगों की मौत; जानें कितनी है इस न्यूक्लियर एयरक्राफ्ट की कीमत और ताकत (istock)
412वें टेस्ट विंग के डिप्टी कमांडर, कर्नल जेम्स हेस ने इस हादसे में आठ लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि करते हुए इसे देश के लिए एक बहुत बड़ी क्षति बताया है। हादसे के बाद एडवर्ड्स एयर फोर्स बेस ने एक्स (X) पर जानकारी दी कि एयरफील्ड को बंद कर दिया गया है, सभी आने वाली उड़ानों के मार्ग बदल दिए गए हैं और गैर-व्यावसायिक विजिटर पास निलंबित कर दिए गए हैं ताकि आपातकालीन राहत कार्यों पर पूरा ध्यान केंद्रित किया जा सके।
ईरान अभियानों का हिस्सा और अमेरिकी वायुसेना की रीढ़
यह वही लॉन्ग-रेंज रणनीतिक बॉम्बर है जो हाल ही में देश पर हुए अमेरिका-इजरायल युद्ध के दौरान ईरान को निशाना बनाने वाले बमबारी अभियानों में शामिल रहा है। बोइंग कंपनी द्वारा निर्मित B-52 बॉम्बर 1950 के दशक से अमेरिकी सेना में सेवा दे रहा है, जिसे इसके विशालकाय आकार के कारण अनौपचारिक रूप से 'द बफ' (The Buff - Big Ugly Fat) भी कहा जाता है। यह विमान वाणिज्यिक एयरलाइनों की तुलना में कहीं अधिक यानी 50,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ान भरने में सक्षम है।
कितनी है B-52 बॉम्बर की कीमत और क्या हैं इसकी खूबियां?
अमेरिकी वायुसेना के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस हैवी बॉम्बर की वित्तीय वर्ष 2012 के स्थिर डॉलर के आधार पर प्रति यूनिट लागत 84 मिलियन डॉलर है, जबकि इसकी वर्तमान कीमत को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
इस महाविनाशक एयरक्राफ्ट की तकनीकी विशेषताएं और मारक क्षमता इसे दुनिया का सबसे खतरनाक विमान बनाती हैं:
आकार और वजन: इसकी लंबाई 159 फीट 4 इंच, ऊंचाई 40 फीट 8 इंच और विंग्सपैन 185 फीट है। इसका अपना वजन लगभग 1,85,000 पाउंड है, लेकिन यह अधिकतम 4,88,000 पाउंड के वजन के साथ उड़ान भर सकता है।
इंजन और रफ्तार: यह बोइंग मिलिट्री एयरप्लेन कंपनी द्वारा निर्मित है और इसमें प्रैट एंड व्हिटनी के 8 'TF33-P-3/103' टर्बोफैन इंजन लगे हैं, जो 17,000 पाउंड तक का थ्रस्ट पैदा करते हैं। यह 650 मील प्रति घंटे (मॉक 0.84) की रफ्तार से उड़ सकता है।
मिड-एयर रिफ्यूलिंग और रेंज: बिना दोबारा ईंधन भरे इसकी युद्धक मारक क्षमता 8,800 मील से अधिक है। हवा में ही ईंधन भरने की सुविधा के कारण इसकी रेंज असीमित हो जाती है, जो केवल चालक दल की सहनशक्ति पर निर्भर करती है।
क्रू और पेलोड: आमतौर पर इसमें 5 क्रू मेंबर (कमांडों, पायलट, रडार नेविगेटर, नेविगेटर और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर ऑफिसर) होते हैं, हालांकि इस परीक्षण उड़ान में 8 लोग सवार थे। यह अपने साथ 70,000 पाउंड वजनी हथियार ले जा सकता है, जिसमें पारंपरिक बमों के साथ-साथ 32 परमाणु क्रूज मिसाइलें (H मॉडल में 20 एयर-लॉन्च क्रूज मिसाइलें) शामिल हैं।
60 वर्षों का ऐतिहासिक सैन्य सफर
B-52A मॉडल ने पहली बार 1954 में उड़ान भरी थी और कुल 744 ऐसे विमानों का निर्माण किया गया था। अमेरिकी वायुसेना को उम्मीद है कि वह इन विमानों को साल 2050 तक सेवा में बनाए रखेगी। इतिहास में इस बॉम्बर की भूमिका का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 'ऑपरेशन डेजर्ट स्टॉर्म' के दौरान गठबंधन सेनाओं द्वारा इस्तेमाल किए गए कुल हथियारों का 40 प्रतिशत अकेले B-52 विमानों से गिराया गया था। साल 2016 में सीरिया और इराक में आईएसआईएस (ISIS) के खिलाफ इसने करीब 1,800 लड़ाकू मिशन पूरे किए थे। इसके अलावा, यह नौसैनिक अभियानों में भी अचूक है, जहां महज दो B-52 बॉम्बर सिर्फ दो घंटे में 1,40,000 वर्ग मील के विशाल महासागर की निगरानी कर सकते हैं।
