यूक्रेन और रूस के बीच जारी जंग के बीच दोनों तरफ से ड्रोन हमले तेज हो गए हैं। यूक्रेन के लंबी दूरी तक मार करने वाले ड्रोनों ने रूस के क्रास्नोडार क्राय क्षेत्र में स्थित इल्स्की ऑयल रिफाइनरी को निशाना बनाया है। इस हमले से रूस के तेल और ऊर्जा ढांचे को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है।
यूक्रेन ने रूस के इल्स्की ऑयल रिफाइनरी को बनाया निशाना। AP
वहीं, शुक्रवार को रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव में भी ड्रोन हमला किया। यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, हमले में एक वेयरहाउस को निशाना बनाया गया, जिसका इस्तेमाल अमेरिकी फास्ट-फूड चेन मैकडॉनल्ड्स के लॉजिस्टिक्स पार्टनर द्वारा किया जाता था। अधिकारियों ने बताया कि हमले में पांच लोगों की मौत हुई है, जबकि 27 लोग घायल हुए हैं।
रूस ने वेयरहाउस को बनाया निशाना: जेलेंस्की
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने रूस के हमले को लेकर कहा कि वेयरहाउस को निशाना बनाया जाना यूक्रेन के नागरिक बुनियादी ढांचे और कारोबार को निशाना बनाने वाले रूस के व्यापक अभियान का हिस्सा है।
इसके जवाब में यूक्रेन की ओर से रूस के भीतर स्थित तेल और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जाना जारी है। क्रास्नोडार क्राय में स्थित इल्स्की ऑयल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला इसी सिलसिले की कड़ी माना जा रहा है। हालांकि, हमले से रिफाइनरी को हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
डेटा सेंटरों और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को बनाया निशाना: जेलेंस्की
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने दावा किया है कि रूस ने अपने हमलों का दायरा बढ़ाते हुए यूक्रेन के डेटा सेंटरों और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। जेलेंस्की के मुताबिक, रूस की ओर से किए जा रहे हमलों का असर देश के नागरिक और कारोबारी ढांचे पर भी पड़ रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन लंबे समय से रूस के ड्रोन और मिसाइल हमलों का सामना कर रहा है। अब डेटा सेंटरों को निशाना बनाए जाने से यूक्रेन की डिजिटल सेवाओं और ऑनलाइन बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा हुई है।
जेलेंस्की ने रूस पर आरोप लगाया है कि वह यूक्रेन के महत्वपूर्ण नागरिक ढांचे को नुकसान पहुंचाने के लिए हमलों का दायरा लगातार बढ़ा रहा है। डेटा सेंटरों पर हमले का मतलब केवल इमारतों या उपकरणों को नुकसान पहुंचाना नहीं है, बल्कि इससे उन डिजिटल सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है, जिन पर सरकारी संस्थानों, कंपनियों और आम लोगों की रोजमर्रा की गतिविधियां निर्भर करती हैं।
