Turkish Parliament: तुर्किये की संसद में शुक्रवार को सांसदों के बीच में जमकर लात घूंसे चले। सरकार विरोधी प्रदर्शन के लिए कारावास की सजा पाए नेता अहमेत सिक अब विपक्षी दल से चुनाव जीतकर सांसद बन गए हैं। शुक्रवार को एक मुद्दे पर बहस के दौरान उनकी सत्तारूढ़ एकेपी पार्टी के सांसदों से कहासुनी हो गई। इसी के बाद सत्तारूढ़ दल के सांसदों ने उन्हें घेर लिया और उनकी जमकर पिटाई शुरू कर दी। विपक्षी सांसद ने भी अपना बचाव करते हुए सत्तारूढ़ दल के सांसदों पर वार किए। मार-पिटाई में अहमेत की गर्दन व चेहरे से खून निकलने लगा। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
तुर्किये की संसद में जमकर हुआ बवाल
राष्ट्रपति एर्दोगन की पार्टी को आतंकवादी संगठन कहने पर हुआ बवाल
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, जिस सांसद पर सबसे पहले हमला हुआ उसकी पहचान अहमत सिक के रूप में हुई है तो वहीं जिस सांसद ने उन पर हमला किया है वह राष्ट्रपति एर्दोगन की पार्टी के हैं। जानकारी के मुताबिक, सिक अपनी पार्टी के सांसद के बारे में बोल रहे थे, जिन्हें उनके अनुसार राजनीति से प्रेरित होकर जेल में डाला गया है। समाचार एजेंसी ने बताया कि सिक पर हमला एर्दोगन की सत्तारूढ़ पार्टी को आतंकवादी संगठन कहने के बाद हुआ। इस हाथापाई में एर्दोगन की पार्टी के सांसद और पूर्व फुटबॉलर अल्पे ओजालान और तुर्कसिह वर्कर्स पार्टी के अहमत सिक के बीच सीधी लड़ाई देखने को मिली। इन दोनों की हाथापाई में एक महिला सांसद गिर गईं, जिसके बाद उनके खून निकलना शुरू हो गया। इस घटना के बाद तुर्किये के मुख्य विपक्षी दल के नेता ओजगुर ओजेल ने इसे शर्मनाक घटना बताया और कहा कि जिस जगह पर केवल शब्द होने चाहिए उस जगह पर आज लात-घूंसे चले हैं। उन लोगों ने आज महिलाओं को भी नहीं छोड़ा, संसद की पवित्र जमीन पर खून पड़ा हुआ था यह बेहद शर्मनाक है।
