US Midterm Election: यूएस मिडटर्म चुनाव के बाद रिपब्लिकन पार्टी में खलबली मची हुई है। शुरुआती चुनाव नतीजे आने के बाद ट्रंप ने हार का ठीकरा रिपब्लिकन पार्टी के सांसदों पर फोड़ा था और अपनी भूमिका का बचाव करते हुए कहा कि चूंकि बैलेट पेपर उनका नाम नहीं था और वह खुद चुनाव में नहीं खड़े थे इसलिए रिपब्लिकन पार्टी की हार हुई। हालांकि, रिपब्लिकन पार्टी के नेता इस भीषण हार के लिए किसी और को नहीं बल्कि ट्रंप की नीतियों एवं उन्हें सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। चुनाव नतीजों के बाद रिपब्लिकन नेताओं में भारी नाराजगी है।
यूएस मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की हुई है हार। तस्वीर-AI
'अपने मतदाताओं की ट्रंप ने परवाह नहीं की'
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप और उनकी नीतियों के खिलाफ लोगों का गुस्सा इस बात से समझा जा सकता है कि अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी के गढ़ वाले जो राज्य हैं, वहां भी पार्टी की हार हुई है। मसलन टेक्सास, कनसास और साउथ कैरोलिना में मिली हार रिपब्लिकन पार्टी के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है। रिपब्लिकन नेताओं का कहना है कि अपने मतदाताओं की चिंता और परवाह करने की जगह ट्रंप ने अपनी व्यक्तिगत महात्वाकांक्षा को ज्यादा जगह दी और इसका नतीजा यह रहा कि यूएस कांग्रेस उसके नियंत्रण से बाहर चला गया।
ट्रंप को पूरी तरह खारिज किए जाने का जनादेश-बिल मिलर
टेक्सास के शीर्ष रिपब्लिकन लॉबिस्ट बिल मिलर ने BBC से बातचीत में कहा कि 'यह पूरी तरह उनकी जिम्मेदारी है। इसके लिए कोई और जिम्मेदार नहीं है। यह राष्ट्रपति ट्रंप को पूरी तरह और स्पष्ट रूप से खारिज किए जाने का जनादेश है। उन्होंने आगे कहा, 'यह बेहद बड़े स्तर की तबाही है। किसी ने भी नहीं सोचा था कि नतीजे इस तरह के होंगे।'
रिपब्लिकन नेताओं को हार का अंदेशा पहले हो गया था
दरअसल, ट्रंप की घटती लोकप्रियता की वजह से चुनाव में हार का अहसास रिपब्लिकन नेताओं को पहले ही हो गया था, लेकिन हार इस कदर होगी कि यूएस कांग्रेस के दोनों सदनों हाउस और सीनेट में उसका बहुमत नहीं रहेगा, इसकी कल्पना नहीं थी। उन्हें लग रहा था कि मिडटर्म चुनाव में वे प्रतिनिधि सभा यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में अपना नियंत्रण खो सकते हैं। हालांकि, सीनेट में अपनी पकड़ बनाए रखने की चुनौती को लेकर भी वे पूरी तरह सचेत थे। अब सीनेट भी उनकी हाथ से बाहर चला गया है।
'ट्रंप की अलोकप्रिय नीतियों ने नुकसान पहुंचाया'
रिपोर्ट के मुताबिक कुछ रिपब्लिकन मानते हैं कि ट्रंप की अलोकप्रिय नीतियों, उनकी कम अप्रूवल रेटिंग और वॉशिंगटन में निर्माण परियोजनाओं को लेकर उनके जुनून ने पार्टी की चुनावी संभावनाओं को नुकसान पहुंचाया। मिनेसोटा के रिपब्लिकन रणनीतिकार ग्रेग पेपिन ने कहा, 'एक के बाद एक गलतियां होती गईं। साफ तौर पर, हर राज्य में लोगों को राष्ट्रपति की नीतियां पसंद नहीं आईं।' व्हाइट हाउस के एक करीबी सहयोगी ने कहा कि ईरान युद्ध, टैरिफ और प्रशासन की सख्त आव्रजन नीति को लेकर ट्रंप के प्रति जनता की नाराजगी ने नवंबर में एक 'परफेक्ट स्टॉर्म' जैसी स्थिति पैदा कर दी। उन्होंने कहा, 'पार्टी के भीतर इस बात को लेकर साफ तौर पर गहरी निराशा है कि पूरा घटनाक्रम किस तरह आगे बढ़ा है।' उन्होंने आगे कहा, 'ट्रंप को लेकर पार्टी के भीतर गुस्सा बेहद ज्यादा है।'
