Trump on NATO: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गेनाइजेशन को लेकर बड़ा बयान दिया है। अमेरिका द्वारा नाटो को दी जाने वाली वित्तीय साहयता का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि नाटो को बचाने वाला मैं नहीं हूँ। मैंने ही उन्हें जीडीपी का 5.5% हिस्सा देने के लिए राजी किया। पहले यह 2% था, और वे नहीं देते थे। अब वे 5% दे रहे हैं। मैंने ही नाटो का बचाया था।
ट्रंप ने नाटो से निकलने की धमकी दी है।(फोटो सोर्स: ANI)
ट्रंप ने आगे कहा कि अगर मैं राष्ट्रपति नहीं होता तो नाटो होता ही नहीं। हो सकता है नाटो नाराज हो जाए अगर मैं ऐसा करूं (अगर मैं अमेरिका को नाटो से बाहर निकाल लूं)। हो सकता है नाटो से बहुत सारा पैसा बच जाए। मुझे नाटो पसंद है। मैं बस सोचता हूं कि अगर हमें नाटो की जरूरत पड़ी, तो क्या वे हमारे लिए मौजूद रहेंगे? मुझे यकीन नहीं है कि वे होंगे। हमने नाटो पर बहुत पैसा खर्च किया है।
क्या है नाटो?
नाटो यानी नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन दुनिया का सबसे बड़ा सैन्य और सुरक्षा गठबंधन है, जिसकी स्थापना 4 अप्रैल 1949 को की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों की सामूहिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है। नाटो के नियमों के तहत अगर किसी एक सदस्य देश पर हमला होता है, तो उसे सभी सदस्य देशों पर हमला माना जाता है। यही वजह है कि नाटो को वैश्विक राजनीति में एक मजबूत सैन्य शक्ति के रूप में देखा जाता है। इसका मुख्यालय बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में स्थित है।
शुरुआत में नाटो का गठन सोवियत संघ के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए किया गया था, लेकिन आज इसकी भूमिका कहीं ज्यादा व्यापक हो चुकी है। आतंकवाद, साइबर हमले और क्षेत्रीय संघर्ष जैसे नए खतरों से निपटना भी इसके एजेंडे में शामिल है। रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद नाटो एक बार फिर वैश्विक चर्चा के केंद्र में है, जबकि भारत जैसे देश इसका हिस्सा नहीं हैं और गुटनिरपेक्ष नीति पर चलते हुए स्वतंत्र विदेश नीति अपनाते हैं।
अगर अमेरिका ने कब्जा नहीं किया तो...
ग्रीनलैंड के मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "अगर हम ग्रीनलैंड पर कब्जा नहीं करेंगे, तो रूस या चीन उस पर कब्जा कर लेंगे। और मैं ऐसा होने नहीं दूंगा। मुझे उनके साथ (ग्रीनलैंड के साथ) समझौता करना अच्छा लगेगा। यह आसान होगा। लेकिन किसी न किसी तरह, हमें ग्रीनलैंड हासिल करना ही होगा।"
सिर्फ हिंसा के बल पर ईरान में चल रहा शासन: ट्रंप
ईरान की स्थिति पर भी ट्रंप ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, "ऐसा लगता है कि हद पार हो गई है। कुछ ऐसे लोग मारे गए हैं जिन्हें मारा नहीं जाना चाहिए था। अगर नेताओं की बात करें, तो मुझे नहीं पता कि वे नेता हैं या सिर्फ हिंसा के बल पर शासन कर रहे हैं, लेकिन हम और सेना इस मामले को बहुत गंभीरता से देख रहे हैं, और हम कुछ कड़े विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।"
