US Iran Peace Deal: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ एक नया एग्रीमेंट कल साइन होने वाला है। उन्होंने कहा कि यह तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकेगा और होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोल देगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
ट्रंप ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर एक पोस्ट में कहा कि प्रस्तावित एग्रीमेंट पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के तहत 2015 में हुई परमाणु डील से काफी अलग होगा। ट्रंप ने बराक ओबामा प्रशासन की ओलाचना करते हुए कहा कि वह समझौता ईरान को परमाणु हथियार तक पहुंचने का आसान रास्ता देता था, जबकि उनका नया समझौता परमाणु हथियारों के खिलाफ एक मजबूत दीवार साबित होगा।
डील पर साइन होते ही खुल जाएगा होर्मुज
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान अब परमाणु हथियार हासिल नहीं करना चाहता और न ही 'खरीद, विकास या किसी अन्य माध्यम से' हासिल कर पाएगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि समझौते पर दस्तखत होते ही होर्मुज स्ट्रेट को सभी के लिए खोल दिया जाएगा। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है और हाल के वर्षों में क्षेत्रीय तनाव के कारण कई बार चर्चा में रहा है।
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ट्रंप ने कहा कि इस समझौते के तहत ईरान को किसी प्रकार की वित्तीय सहायता या भुगतान नहीं किया जाएगा, जो ओबामा प्रशासन के परमाणु समझौते से अलग है। उन्होंने आरोप लगाया कि ओबामा प्रशासन के दौर में ईरान को भारी आर्थिक लाभ पहुंचाया गया था, जबकि उनकी सरकार किसी भी प्रकार का धन हस्तांतरण नहीं करेगी।
ट्रंप ने बातों-बातों में ईरान को फिर धमकाया
इस दौरान, ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी बची हुई सामग्री का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उचित समय आने पर अमेरिका ईरान में मौजूद परमाणु सामग्री को सुरक्षित तरीके से नष्ट करेगा। इसके लिए उन्होंने अमेरिकी बी-2 बॉम्बर्स और उनके पायलटों की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि अमेरिका भविष्य में ईरान और पूरे मध्य पूर्व के साथ बेहतर संबंध स्थापित करना चाहता है।
ट्रंप ने उम्मीद जताई कि यह पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से पूरी होगी। हालांकि, उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर यह प्रयास सफल नहीं हुआ तो अमेरिका के पास अन्य विकल्प भी मौजूद हैं।
24 घंटे में बदलेगी मध्य पूर्व की तस्वीर?
इससे पहले, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दावा किया था कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता 'पहले से कहीं ज्यादा करीब' है और यह डील अगले 24 घंटे में फाइनल हो जाएगी। हालांकि, ईरान ने शहबाज शरीफ के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया।
'रविवार को नहीं होंगे साइन'
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि इस्लामाबाद मेमोरेंडम पर साइन करने का सही समय रविवार को नहीं होगा। बघाई ने कहा कि आने वाले दिनों में इस्लामाबाद मेमोरेंडम पर साइन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है, लेकिन उन्होंने कहा कि दूसरे पक्ष की हिचकिचाहट की वजह से साइन करने की तारीख पर कोई भी कमेंट करने में सावधानी बरतने की जरूरत है।
