हार्वर्ड यूनिवर्सिटी पर चला ट्रंप का 'चाबुक', अब दाखिला नहीं ले पाएंगे विदेशी छात्र, अधर में भारत के 788 छात्रों का भविष्य

इस घटनाक्रम से हार्वर्ड विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों पर भी असर पड़ने का खतरा है। वर्तमान में हार्वर्ड में दुनिया भर से लगभग 10,158 छात्र और शोधकर्ता पंजीकृत हैं। ‘हार्वर्ड इंटरनेशनल ऑफिस’ की वेबसाइट के आंकड़ों के अनुसार हार्वर्ड विश्वविद्यालय के तहत सभी स्कूल में शिक्षण सत्र 2024-25 में भारत के 788 छात्र और शोधार्थी पंजीकृत हैं।

Harvard University : डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने गुरुवार को बड़ा फैसला करते हुए हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की विदेशी छात्रों को दाखिला देने की पात्रता रद्द कर दी। इससे वहां पढ़ाई करने वाले करीब 6,800 विदेशी छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। इनमें भारतीय छात्र भी हैं। हार्वर्ड में पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों की संख्या सैकड़ों में है। ये छात्र अपने भविष्य को लेकर अनिश्चितता में हैं। इस फैसले की घोषणा करते हुए यूएस डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) की सचिव क्रिस्टी नोएम ने कहा, 'यह देशभर के सभी विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए एक चेतावनी है।' उन्होंने आगे कहा, 'अंतरराष्ट्रीय छात्रों को दाखिला देना एक विशेषाधिकार है –अधिकार नहीं –और यह विशेषाधिकार हार्वर्ड द्वारा बार-बार संघीय कानून का पालन करने में विफल रहने के कारण रद्द कर दिया गया है।'

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हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में दाखिला नहीं ले पाएंगे विदेशी छात्र।

छात्रों को कहीं और जाना होगा-एजेंसी

संघीय एजेंसी ने कहा, ‘इसका मतलब है कि हार्वर्ड अब विदेशी छात्रों को दाखिला नहीं दे सकता और मौजूदा विदेशी छात्रों को अपना कानूनी दर्जा खोना होगा या कहीं और जाना होगा।’अमेरिका की गृह मंत्री क्रिस्टी नोएम ने बृहस्पतिवार को विश्वविद्यालय को लिखे पत्र में कहा, ‘मैं आपको यह सूचित करने के लिए पत्र लिख रही हूं कि हार्वर्ड विश्वविद्यालय के छात्र एवं शैक्षणिक विनिमय प्रवेश कार्यक्रम का प्रमाणन तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है।’

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