वायरस वीजा लेकर नहीं आते, न ही पासपोर्ट के आधार पर समाधान चुने जाते हैं, आयुष्मान भारत योजना पर हमें गर्व है...बोले पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि जिस प्रकार हमने अपनी अध्यक्षता के दौरान जी-20 को व्यापकता दी, एजेंडे में ग्लोबल साउथ के मुद्दों को प्राथमिकता दी, उसी प्रकार ब्रिक्स की अध्यक्षता के दौरान हम इस मंच को जन-केंद्रित और मानवता सर्वप्रथम की भावना के साथ आगे ले जाएंगे।

PM Modi: ब्राजील में BRICS सम्मेलन में व्यस्त पीएम मोदी ने आज आयुष्मान भारत योजना और कोविड-19 महामारी से मिले सबक का जिक्र किया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, हमारे लोगों और ग्रह का स्वास्थ्य आपस में जुड़ा हुआ है। कोविड-19 महामारी ने हमें सिखाया है कि वायरस वीजा लेकर नहीं आते, न ही पासपोर्ट के आधार पर समाधान चुने जाते हैं! इसलिए, हमें अपने ग्रह को स्वस्थ बनाने के लिए अपने साझा प्रयासों को मजबूत करना होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, भारत को आयुष्मान भारत को अपनी तरह की सबसे बड़ी स्वास्थ्य कवरेज योजना शुरू करने पर गर्व है। हमने अपनी स्वास्थ्य प्रणालियों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रौद्योगिकी की शक्ति का लाभ उठाया है। हमारे पास चिकित्सा की जीवंत पारंपरिक प्रणालियां भी हैं जो स्वास्थ्य को बढ़ावा देती हैं।

Narendra Modi at Brics

BRICS सम्मेलन में पीएम मोदी

ब्रिक्स सम्मेलन में जलवायु मुद्दे पर रखी बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि जलवायु महत्वाकांक्षा और वित्तपोषण के बीच की खाई को पाटने में विकसित देशों पर विशेष जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष भारत की ब्रिक्स (BRICS) अध्यक्षता में मानवता सर्वप्रथम दृष्टिकोण अपनाया जाएगा। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में सोमवार को अपने संबोधन में मोदी ने कहा कि भारत (ब्रिक्स) समूह को एक नए स्वरूप में परिभाषित करने के लिए काम करेगा और इसका उद्देश्य सहयोग एवं स्थिरता के लिए लचीलेपन एवं नवाचार का निर्माण करना होगा। भारत अगले वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता करेगा।

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