बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों को निशाना बनाने के मामले पहले भी आए है। ताजा मामला जेनेदहा इलाके का है। उपद्रवियों ने मंदिर को निशाना बनाते हुए मां काली की मूर्ति की तोड़ दिया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। बांग्लादेश की पुलिस का कहना है आरोपियों की धरपकड़ की कोशिश की जा रही है। लोगों का कहना है कि आखिर बार बार इस तरह की घटना क्यों हो रही है। जब सरकार पूरे इकबाल के साथ कहती है कि शरारती तत्वों के साथ किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी तो इस तरह की घटना के पीछे कौन लोग हैं इसकी जांच होनी चाहिए
मंदिर पर हमले के मामले में जांच में जुटी पुलिस(प्रतीकात्मक तस्वीर-AP)
#BreakingNow: बांग्लादेश में हिंदू मंदिर पर हमला, कट्टरपंथियों ने काली मंदिर में मूर्ति को तोड़ा@jyotimishra999… t.co/RrtKGjSLil
— ANI (@ANI) Oct 8, 2022
इस केस में स्थानीय और मंदिर के पुजारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। सवाल यह है कि बांग्लादेश सरकार किस तरह का कदम उठाती है। बता दें कि बांग्लादेश सरकार स्पष्ट कर चुकी है कि अल्पसंख्यक समाज के हितों की रक्षा सरकार की जिम्मेदारी है और उसके साथ किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। जो लोग भी इस तरह की घटना के लिए जिम्मेदार होंगे उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
